Amazon की बढ़ी मुसीबत, भारत को धोखा देने की कोशिश के खुलासे के बाद अमेरिका में भी हुआ मुकदमा, जानें पूरा मामला

अमेरिका में अमेजन पर हुआ मुकदमा

ई-कॉमर्स बेवसाइट अमेजन (Amazon) नई मुसीबत में फंसती नजर आ रही है. भारत में आगे की राह उसके लिए मुश्किल होने ही वाली है, अब अमेरिका में भी कंपनी के लिए स्थिति सामान्य नहीं रही. दरअसल, न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने कोविड-19 सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत अमेजन पर मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि कंपनी को अपने बीमार वर्कर्स से ज्यादा पैसे बनाने की चिंता है.

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    नई दिल्ली. भारत को धोखा देने की कोशिश के खुलासे के बाद ई-कॉमर्स बेवसाइट अमेजन (Amazon) एक और नई मुसीबत में फंसती नजर आ रही है. भारत में आगे की राह तो उनके लिए मुश्किल होने ही वाला है, अब अमेरिका में भी कंपनी के लिए स्थिति कुछ सामान्य नहीं रहा. दरअसल, न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को कोविड -19 सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अमेजन पर मुकदमा दायर किया है. कंपनी पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपने बीमार वर्कर्स से ज्यादा पैसे बनाने की चिंता है.

    अमेजन ने अपने कर्मचारियों से बीमार हालात में भी काम करवाया

    बता दें कि न्यूयॉर्क में दो जगह जहां अमेजन अपनी सुविधाएं देती हैं, वहां करीब 5,000 से अधिक वर्कर्स काम करते हैं. आरोप है कि कोरोना महामारी के समय कई कर्मचारी काम के दौरान संक्रमित हुए लेकिन अमेजन ना तो कर्मचारी को किसी प्रकार की कोई सुविधाओं दी ना ही किसी से कोई संपर्क किया. बल्कि कर्मचारियों से इतना काम लिया गया कि उनके पास अपने वर्कफोर्स को कीटाणुरहित करने या सोशल दूरी बनाने तक का समय नहीं रहा.शिकायत के अनुसार, श्रमिकों को वायरस से बचने के लिए अपने हाथ धोने तक के लिए अमेजन ने समय नहीं दिया.

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    कर्मचारियों को इलाज तक करवाने का समय नहीं दिया गया

    न्यू यॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने मुकदमा दायर करते हुए कहा, "महामारी संकट के दौरान जहां एक तरफ कंपनी और कंपनी सीईओ जेफ बेजोस (Amazon Ceo Jeff Bezos)ने अरबों का कारोबार किया वहीं दूसरी तरफ मेहनती कर्मचारियों जो सबकुछ त्याग कर पूरी तरह कंपनी के लिए काम किया उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों को झेलने के लिए मजबूर होना पड़ा. महामारी ने कंपनी की दोहरी रणनीति को उजागर किया है कि कैसे देश के दूसरे सबसे बड़े नौकरी देने वाली कंपनी अमेजन अपने ही वर्कर्स (खासकर जो ऑर्डर पैक और शिपिंग का काम करते हैं) का इलाज नहीं कराता है.
    बुधवार को, अमेजन के प्रवक्ता केली नांटल ने कहा कि अटॉर्नी जनरल का मुकदमा जायज नहीं है. महामारी के समय अमेजन ने ना सिर्फ दूसरे देशों की मदद की बल्कि अपने वर्कर्स का खास ध्यान भी रखा.

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    मास्क और सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी का विरोध किया गया था

    कई वर्कर ने मास्क और सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी का विरोध किया है जबकि अन्य ने कहा है कि कंपनी इस बारे में आगे नहीं आ रही है कि कितने लोग बीमार हो रहे हैं. अलबामा के एक गोदाम में, लगभग 6,000 कर्मचारी इस बात पर वोटिंग कर रहे हैं कि क्या वे एक उन्हें पार्टी में शामिल होकर कंपनी के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश कर रहे हैं . श्रमिकों को वायरस के लिए संभावित रूप से उजागर करने के अलावा मुकदमा ने यह भी कहा कि अमेजन ने उन श्रमिकों के खिलाफ अवैध रूप से जवाबी कार्रवाई की, जिन्होंने इसकी सुविधाओं में खराब सुरक्षा स्थितियों के बारे में बात की थी.

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