कोरोना संकट के बीच कर्मचारियों को Work Form Anywhere की सुविधा देगा SBI, बचेंगे 1000 करोड़ रुपये

एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि बैंक अपने कर्मचारियों को कहीं से भी काम करने की सुविधा शुरू करने वाला है.
एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि बैंक अपने कर्मचारियों को कहीं से भी काम करने की सुविधा शुरू करने वाला है.

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने कर्मचारियों को कहीं से भी काम (Work Form Anywhere) करने की सुविधा देन की योजना बना रहा है. एसबीआई को उम्‍मीद है कि इससे उसे लागत में 1,000 करोड़ रुपये की बचत होगी.

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नई दिल्‍ली. देश का सबसे बड़ा कर्जदाता स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने कर्मचारियों के लिए 'कहीं से भी काम' (Work from Anywhere) करने की सुविधा शुरू करने की योजना बना रहा है. बैंक का कहना है कि उसने ये फैसला कोविड-19 संकट (Covid-19 Crisis) के कारण लिया है ताकि अपने कर्मचारियों को संक्रमण के जोखिम से बचा सके. एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बैंक की 65वीं सालाना आम सभा में कहा कि इसके लिए बैंक बुनियादी ढांचा विकसित करेगा. इससे उसकी लागत (Cost) में 1,000 करोड़ रुपये की बचत भी होने की उम्मीद है.

लागत बचत बैंक के कामकाज को सुचारू रखने में करेगी मदद
रजनीश कुमार ने कहा कि एसबीआई का पूरा ध्यान लागत कम करने (Cost Cutting), कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और एडमिनिस्‍ट्रेशन ऑफिसेस से निकालकर सेल्‍स ऑफिसेस में तैनात करने पर रहेगा. कुमार ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बैंक 'कहीं से भी काम' करने की सुविधा वाला बुनियादी ढांचा विकसित करेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसमें कर्मचारियों के सामाजिक और कामकाजी जीवन के बीच संतुलन का ध्यान रखा जाएगा. उनके मुताबिक, इस कदम से बैंक को 1,000 करोड़ रुपये की लागत बचत होने का अनुमान है. कोविड-19 के समय में यह बचत बैंक के कामकाज को जारी रखने में अहम भूमिका निभाएगी.

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'एसबीआई कोविड-19 से पैदा हुए हालात से निटपने को तैयार'


एसबीआई के चेयमैन ने कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus in India) का संकट अभी भी बना हुआ है. इसलिए 2020-21 किसी भी दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान की तरह एसबीआई के लिए भी चुनौती से भरा साल रहने वाला है. हालांकि, एसबीआई ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. रजनीश कुमार ने कहा कि एसबीआई ने लागू की जा रही सभी परियोजनाओं की निगरानी के लिए कदम उठाए हैं. बैंक को लघु से मध्यम अवधि में कोविड-19 के असर से बाहर निकलने की पूरी उम्मीद है.

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योनो के यूजर्स की संख्‍या 6 महीने में दोगुनी करने का है लक्ष्‍य
रजनीश कुमार ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों की मदद के लिए एसेट्स क्‍वालिटी बरकरार रखते हुए सक्रियता से कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा कि सूक्ष्‍म, लघु व मझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज से बने अवसरों के मुताबिक बैंक ने सूक्ष्म बाजारों में वित्तीय समावेशन और सूक्ष्म बाजार इकाई बनाई है. यह एक लागत-प्रभावी बिजनेस मॉडल के तहत किया गया है. बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप एसबीआई योनो (YONO) में भी वृद्धि की है. बैंक अगले छह महीने में योनो के यूजर्स की संख्या दोगुना करने की दिशा में काम करा रहा है.
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