हार्ले डेविडसन के बाद एक और इंटरनेशनल कंपनी Amnesty International India ने बंद किया भारत में कारोबार

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Photo Source Firstpost)
एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Photo Source Firstpost)

Amnesty International India shuts down-भारत की सरकार पर प्रताड़ित करने और हाथ धोकर पीछे पड़ने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ( Amnesty International India) ने भारत में अपना कामकाज बंद कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 1:57 PM IST
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मुंबई. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International India shuts down) ने भारत में अपना काम बंद करने की घोषणा की है. उसने ये फैसला हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संस्था के खातों को फ्रीज करने के बाद किया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मोदी सरकार (Modi Government) पर आरोप लगाया है कि 10 सितंबर, 2020 को उसके सभी अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया, जिससे उसे अपने अधिकतर स्टाफ को निकालना पड़ा और भारत में चलाए जा रहे कैंपेन और रिसर्च वर्क को रोकना पड़ा.एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर विदेशी फंडिंग हासिल करने में अनियमितताओं का आरोप है जिसकी जांच ED कर रही है. गृह मंत्रालय ने संस्था पर आरोप लगाया है कि इसने भारत में FDI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) के जरिए पैसे मंगाए, जिसकी नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं को अनुमति नहीं है

क्या है मामला- साल 2017 में ED ने संस्था के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए थे, जिसके बाद एमनेस्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और उसे कुछ राहत मिली. लेकिन उसका अकाउंट सील था. पिछले साल CBI ने भी संस्था के खिलाफ केस दर्ज किया.

शिकायत में कहा गया कि एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके ने कथित तौर पर मंत्रालय की मंजूरी के बिना FDI के रूप में एमनेस्टी इंडिया की संस्थाओं को 10 करोड़ रुपए का भुगतान किया.



इसमें कहा गया कि इसके अलावा 26 करोड़ की रकम यूके की संस्थाओं की ओर से मंत्रालय की मंजूरी के बिना एमनेस्टी इंडिया को दी गई, जिसे भारत में NGO की गतिविधियों पर खर्च किया गया. यह FCRA का उल्लंघन है.
मानवाधिकार संस्था ने लगाए गंभीर आरोप-  एमनेस्टी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत सरकार बदला लेने की भावना से कार्रवाई कर रही है. संस्था ने भारत सरकार पर witch-hunt यानी पीछे पड़ जाने का आरोप लगाया है.

वहीं, सरकार का कहना है कि इस संस्था ने Foreign Contribution (Regulation) Act के तहत कभी रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया, जो विदेशी फंडिंग के लिए जरूरी होता है.एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कार्यकारी निदेशक अविनाश कुमार (Avinash kumar) ने कहा कि पिछले साल से सरकार संस्था के पीछे हाथ धोकर पड़ी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

उन्होंने कहा कि एमनेस्टी के बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) सहित कई सरकारी एजेंसियों द्वारा निरंतर उत्पीड़न किया जा रहा है. यह सब अचानक नहीं हुआ है. हाल ही में हमने दिल्ली हिंसा और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर आवाज उठाई, जिसके बाद सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने सभी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया है.
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