जीएसटी की लेट फीस और पेनाल्टी से परेशान कारोबारियों को मिलेगी राहत, दोबारा आएगी एमनेस्टी स्कीम

एमनेस्टी स्कीम को लेकर फैसला कौंसिल की आगामी बैठक में संभव है.

एमनेस्टी स्कीम को लेकर फैसला कौंसिल की आगामी बैठक में संभव है.

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) वन टाइम एमनेस्टी स्कीम (One Time Amnesty Scheme) लाने पर विचार कर रहा है. जीएसटी कौंसिल (GST Council) की लॉ कमेटी को यह सिफारिश सौंपी जा सकती है.

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नई दिल्ली. जीएसटी (GST) की लेट फीस और पेनाल्टी से परेशान कारोबारियों को जल्द राहत मिलेगी. इसके लिए वित्त मंत्रालय वन टाइम एमनेस्टी स्कीम (One Time Amnesty Scheme) लाने पर विचार कर रहा है. और इस मुद्दे का समाधान निकालने की जिम्मेदारी जल्द ही जीएसटी कौंसिल (GST Council) की लॉ कमेटी को सौंपी जा सकती है. कमेटी की सिफारिश पर अंतिम फैसला जीएसटी कौंसिल की बैठक में होगा.

सूत्रों के मुताबिक जीएसटी लेट फीस से राहत के लिए दोबारा एमनेस्टी स्कीम आएगी. दरअसल, सरकार लेट फीस और पेनाल्टी से राहत के लिए एमनेस्टी के पक्ष में है. जीएसटी कौंसिल की लॉ कमेटी को जल्द पूरे मामले को सौंपा जाएगा. सूत्रों के मुताबिक लॉ कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही कौंसिल की बैठक में फैसला होगा. हालांकि स्कीम ड्राफ्ट करते रेवेन्यू लॉस न हो ये ध्यान रखा जाएगा. एमनेस्टी स्कीम को लेकर फैसला कौंसिल की आगामी बैठक में संभव है.

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नए एथेनॉल प्रोजेक्ट को मंजूरी
खाद्य सचिव की अध्यक्षता में अप्रूवल कमेटी ने 5 नए एथेनॉल प्रॉजेक्ट को सस्ते कर्ज के लिए हरी झंडी दी है. इससे 1,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश होगा और करीब 5 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन होगा.

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अब तक 41,000 करोड़ रुपए का हुआ निवेश



मॉडिफाइड स्कीम के तहत कंपनियों को सस्ता कर्ज मिलता है. एथेनॉल डिस्टलरी लगाने, क्षमता विस्तार के लिए सस्ता कर्ज मिलता है. अब तक अप्रूवल कमेटी 422 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे चुकी है. इन प्रोजेक्ट में 41,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा.
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