आंध्र प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट के बीच पेश किया बजट 2021-22, मुफ्त योजनाओं के लिए दिए 48 हजार करोड़ रुपये

आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने बजट 2021-22 में महिलाओं और बच्‍चों का बजट अलग रखा है. (फाइल फोटो)

आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने बजट 2021-22 में महिलाओं और बच्‍चों का बजट अलग रखा है. (फाइल फोटो)

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) सरकार के बजट 2021-22 (Budget 2021-22) में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग बजट रखा गया है. इसमें राजस्व घाटा 5,000 करोड़ और वित्तीय घाटा 37,029 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है. राज्‍य सरकार ने सालाना बजट पेश करने के लिए एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाया था.

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नई दिल्‍ली. आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने कोरोना संकट के बीच एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाकर वित्त 2021-22 के लिए बजट (Budget 2021-21) पेश कर दिया है. राज्‍य सरकार ने 2.29 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय (Expenditure) और 1.77 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व (Revenue) के साथ अपना वार्षिक बजट पेश किया. इसमें राज्य सरकार की 22 मुफ्त योजनाओं (Free Schemes) को अमल में लाने के लिये 48,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा राशि का आवंटन किया गया है.

राजस्‍व घाटा 5 हजार करोड़ रुपये रहने का जताया है अनुमान

आंध्र प्रदेश सरकार के बजट 2021-22 में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग बजट रखा गया है. बजट में राजस्व घाटा (Revenue Loss) 5,000 करोड़ रुपये और वित्तीय घाटा (Financial Loss) 37,029 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है. राज्‍य के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने राज्यपाल विश्‍वभूषण हरिचंदन की ओर से दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के बाद बजट पेश किया. मुख्य विपक्षी तेलुगु देसम पार्टी (TDP) ने राज्य सरकार पर खराब शासन का आरोप लगाते हुए बजट सत्र (Budget Session) का बहिष्कार किया. इस कारण बिना किसी चर्चा के ही बजट पारित हो गया.

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आंध्र प्रदेश सरकार ने महिला बजट को भी दो हिस्‍सों में बांटा

राज्‍य सरकार ने इस साल 22 मुफ्त योजनाओं के लिए कुल 48,083.92 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है. इसमें से 16,899 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन योजनाओं को राज्य विकास निगम के जरिये लागू किया जाएगा. वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए 47,283 करोड़ रुपये और बच्चों के लिये 16,748 करोड़ रुपये का अलग बजट रखा. महिला बजट को दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला 23,463 करोड़ रुपये का हिस्सा महिलाओं और लड़कियों से संबंधित योजनाओं के लिए होगा, जबकि बाकी राशि समग्र योजनाओं का हिस्सा होगी. सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान 50,525 करोड़ रुपये का नया उधार लेगी, जिससे उसका सार्वजनिक कर्ज वित्‍त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 3,87,125 करोड़ रुपये हो जाएगा. पिछले वर्ष ये आंकड़ा 3,55,874 करोड़ रुपये था. इसके चलते चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य सरकार को 23,205.88 करोड़ रुपये कर्ज की किस्त और ब्याज चुकाने में देना होगा.

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