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क्या होते हैं एंजल इन्वेस्टर्स, कहां से मिला उन्हें ये नाम, स्टार्टअप्स की कैसे करते हैं मदद?

एंजल इन्वेस्टर कंपनी ने इक्विटी के बदले निवेश करते हैं. (फोटो- न्यूज18)

एंजल इन्वेस्टर कंपनी ने इक्विटी के बदले निवेश करते हैं. (फोटो- न्यूज18)

एंजल इन्वेस्टर कंपनियों के शुरुआती दौर में उन्हें पैसा देते हैं इसलिए यह बहुत जोखिम भरा सौदा भी साबित हो सकता है. हालां ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

एंजल इन्वेस्टर्स हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल होते हैं.
इनके पास आर्थिक रिस्क लेने की क्षमता होती है.
ये कई बार उद्यमियों के करीबी रिश्तेदार ही होते हैं.

नई दिल्ली. एंजल इन्वेस्टर्स को प्राइवेट इन्वेस्टर, सीड इन्वेस्टर या एंजल फंडर भी कहा जाता है. ये ऐसे लोग होते हैं जिनके पास बहुत अधिक संपत्ति होती है. जिन्हें आम तौर पर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल कहा जाता है. ये छोटे स्टार्टअप्स या उद्यमियों को आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं. इसके बदले ये कंपनी में हिस्सेदारी लेते हैं. एंजल इन्वेस्टर्स कई बार उद्यमियों के रिश्तेदार या परिवार के सदस्य ही होते हैं. हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है. बढ़ते स्टार्टअर कल्चर ने अब संपत्ति वाले लोगों को अच्छे आइडिया में निवेश के लिए पहले से अधिक उत्सुक कर दिया है. वे अगली फेसबुक या अमेजन के निवेशक बनने से नहीं चूकना चाहते हैं.

संभव है कि एंजल इन्वेस्टर्स उद्यमियों को शुरुआती और एकबारगी निवेश मुहैया कराएं लेकिन कई बार ये आगे भी जारी रहता है. जिससे कंपनी मुश्किल समय से बाहर निकल सके. बता दें कि एंजल इन्वेस्टर कंपनियों के शुरुआती दौर में उन्हें पैसा देते हैं इसलिए यह बहुत जोखिम भरा सौदा भी साबित हो सकता है. हालांकि, ये ऐसे लोगों होते हैं जिनके पास पैसों की कोई कमी नहीं होती और ये यह रिस्क ले सकते हैं. एंजेल इन्वेस्टर ऐसे निवेश विकल्प की तलाश में रहते हैं जहां से उन्हें पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले जल्दी और ज्यादा रिटर्न मिले.

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कहां से आया यह नाम?
एंजल उन संपत्तिवान लोगों को कहा जाता था जो ब्रॉडवे थिएटर्स में थियेटरिकल प्रोडक्शन के लिए पैसे दिया करते थे. एंजल इन्वेस्टर शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले विलियम वेटजल ने किया था. वह यूनिवर्सिटी ऑफ हेंपशायर में सेंटर फॉर वेंचर रिसर्च के संस्थापक थे. उन्होंने उद्यमियों द्वारा धन जुटाने को लेकर एक अध्ययन किया था.

कहां से आता है इनके पास पैसा?
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि आमतौर पर ये काफी अमीर लोग होते हैं. इसलिए इनके पास देने के लिए खुद का पैसा होता है. कई बार एंजल इन्वेस्टर कोई एक व्यक्ति की बजाय एक कंपनी, ट्रस्ट, या इन्वेस्टमेंट फंड हो सकता है. ये वैंचर कैपिटलिस्ट से अलग होते हैं. वेंचर कैपिटलिस्ट दूसरे लोगों के धन को एक पूल में मैनेज करते हैं और उसे फिर विभिन्न विकल्पों में निवेश करते हैं.

कैसे करते हैं उद्यमियों की मदद
एंजल इन्वेस्टर्स आमतौर पर अपने निवेश पर 22 फीसदी के रिटर्न की उम्मीद कर रहे होते हैं. यह किसी शुरुआती कंपनी के लिए काफी बड़ी रिटर्न की रकम हो सकती है. लेकिन बिजनेस को फंड करने के सस्ते तरीके जैसे की बैंक जल्दी नए उद्यमियों को बड़ी रकम नहीं देते हैं. ऐसे में एंजल इन्वेस्टर ही उनका सहारा बनते हैं. पिछले एक दशक में एंजल इन्वेस्टर्स की संख्या में काफई इजाफा हुआ है.

Tags: Business, Business news, Indian startups

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