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असफलता की सीढ़ी चढ़ सफल उद्यमी बने अंकुर वारिकू, पढ़िए Startup CEO से सेल्फ हेल्प गुरु बनने की कहानी

असफलता की सीढ़ी चढ़ सफल उद्यमी बने अंकुर वारिकू, पढ़िए Startup CEO से सेल्फ हेल्प गुरु बनने की कहानी

ankur warikoo

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निवेश से लेकर स्टार्टअप पर सलाह-सुझाव और फंडिंग देने वाले अंकुर आज एक उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर ( entrepreneur, a teacher, a content creator and a mentor) के तौर पर जाने जाते हैं. Gaadi.com से लेकर नियरबाय डॉट कॉम (Nearbuy.com) की स्थापना करने वाले अंकुर के जीवन और व्यवसाय के बारे में वीडियो बहुत सारे युवाओं को आकर्षित करते हैं.

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    Ankur Warikoo Success Story: अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) आज सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में से एक हैं. चाहे यूट्यूब हो या लिंक्डइन, हर जगह आपको अंकुर के लाखों फॉलोवर्स मिल जाएंगे. बल्कि ये कहना ज्यादा सही होगा कि वे नई जेनरेशन के सेल्फ हेल्प गुरू की भूमिका में आ गए हैं. सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगभग 40 लाख से ज्यादा उनके फॉलोवर्स उनसे पैसे से लेकर रिलेशनशिप तक के सवाल पूछते रहते हैं.

    निवेश से लेकर स्टार्टअप पर सलाह-सुझाव और फंडिंग देने वाले अंकुर आज एक उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर ( entrepreneur, a teacher, a content creator and a mentor) के तौर पर जाने जाते हैं. Gaadi.com से लेकर नियरबाय डॉट कॉम (Nearbuy.com) की स्थापना करने वाले अंकुर के जीवन और व्यवसाय के बारे में बनाए गए वीडियो बहुत सारे युवाओं को आकर्षित करते हैं.

    पीएचडी बीच में छूटी 
    41 साल के अंकुर की स्कूली शिक्षा डॉन बॉस्को स्कूल, नई दिल्ली से हुई. फिर उन्होंने हिंदू कॉलेज में बीएससी, भौतिकी (B.Sc Physics) में प्रवेश लिया. उसके बाद उन्होंने पीएच.डी. के लिए मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी एमएस, एस्ट्रोफिजिक्स (Michigan State University, MS, Astrophysics) में दाखिला लिया लेकिन बीच में ही छोड़ दिया.

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    अमेरिका से वापस आने के बाद, उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB Hyderabad) से एमबीए (Masters of Business Administration) किया और 2006 में स्नातक किया.

    असफलताएं की सीढ़ी चढ़कर आगे बढ़े 
    अंकुर कहते हैं कि असफलताएं हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. इसलिए हर फेलियर को सीढ़ी बनाइए. ट्वीटर पर अपने फॉलोवर्स के बीच अंकुर ने अपनी सीवी शेयर की और उसे Failure Resume का नाम दिया. लिखा कि ये सफर आसान नहीं था. बहुत सारे रिजेक्शन और असफलताओं का मैं गवाह हूं. एक बार नहीं बल्कि कई बार. मैंने दो बार आईआईटीटी (JEE) के लिए प्रयास किया लेकिन असफल रहा. आईआईटी (IIT) से ही MSc के लिए एग्जाम दिया लेकिन क्लीयर नहीं कर पाया.

    वारिकू अपने उस समय को याद करते है जब वे अमेरिका से अपनी PhD बीच में छोड़ कर वापस इंडिया आ गए, तब वह मात्र 24 साल के थे. उनका परिवार सदमे में था. वारिकू कहते हैं ये सफर बिलकुल आसान नहीं था.

    असफलता से दुनिया का अंत नहीं होता 
    अपने यूट्यूब के एक वीडिये में वारिकू बताते हैं कि तब ऐसा लगता था कि मेरी दुनिया का अंत हो गया. लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं था. आपके रिलेशनशिप, एग्जाम, लक्ष्य या जॉब के चले जाने से सब कुछ खत्म नहीं हो जाता. दुनिया में इसके अलावा भी बहुत कुछ है.

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    अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, अंकुर एक कंसल्टिंग फर्म एटी किर्नी (AT Kearney) में नौकरी करने लगे. वारिकू ने किर्नी में काम करते हुए दुबई, न्यूयॉर्क और भारत में रियल एस्टेट उद्योग और मीडिया व मनोरंजन क्षेत्रों में काम किया.

    पहली शुरुआत secondshaadi.com से 
    जब अंकुर ISB से एमबीए कर रहे थे तब अपने बैच के साथियों के साथ पहली शुरुआत secondshaadi.com से शुरू किया. नौकरी छोड़ने के बाद कुछ वर्षों तक उन्होंने ऑटोमोबाइल, शिक्षा और फाइनेंस जैसे उद्योगों में विभिन्न वेबसाइटों के डिजाइन का काम किया. उनकी शुरुआती सफलता में से एक थी Gaadi.com, जिसे बाद में goibibo.com को बेच दिया गया.

    साल 2015 में नियरबाय की शुरुआत 
    इन दो स्टार्टअप के तुरंत बाद, अंकुर ने ग्रुपन (Groupon) के साथ भारत में संस्थापक सीईओ के रूप में हाथ मिलाया. इसके साथ ही उन्होंने Groupon के लिए थाईलैंड, फिलीपींस और इंडोनेशिया के व्यवसायों को भी मैनेज किया. साल 2015 तक यानी लगभग चार वर्षों तक भारत में उन्होंने Groupon के व्यवसाय का नेतृत्व किया. उस वर्ष उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया और Sequoia Capital के साथ Groupon से भारत के कारोबार की प्रमुख हिस्सेदारी खरीदी और इसे एक नए स्वतंत्र स्टार्टअप, नियरबाय के रूप में शुरू किया.

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    फॉर्च्यून इंडिया की 40 Under 40 list में 
    साल 2015 में नियरबाय की शुरुआत हुई, जिसने रेस्तरां, स्पा, पेय और अन्य लोकल बिजनेस के साथ ग्राहकों को इंट्रेस्टिंग डील देनी शुरू की. उन्होंने कंटेंट क्रिएटर के रूप में करियर बनाने के लिए 2019 में सीईओ का पद छोड़ दिया. अन्य दो सह-संस्थापक अभी भी नियरबाय का बिजनेस चलाते हैं. अंकुर वारिकू को फॉर्च्यून इंडिया की 40 Under 40 list में शामिल हुए. साल 2017 में CMO Asia द्वारा Social Media Entrepreneur of the Year बने. साल 2019 में लिंक्डइन स्पॉटलाइट (LinkedIn spotlight) में आए.

    Tags: Becoming a successful entrepreneur, Business ideas, Success Story, Successful business leaders, What different successful people do

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