कोरोना संकट के बीच भारतीय रेलवे की एक और बड़ी उपलब्धि! सितंबर 2020 में हुई बंपर कमाई

भारतीय रेलवे ने कोरोना संकट के बीच सितंबर 2020 में जबरदस्‍त कमाई की है.
भारतीय रेलवे ने कोरोना संकट के बीच सितंबर 2020 में जबरदस्‍त कमाई की है.

भारतीय रेलवे (Indian Railways) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2020 में 9896.86 करोड़ रुपये की मालढुलाई की गई है. वहीं, सितंबर 2019 में मालढुलाई से रेलवे ने 8716.29 करोड़ रुपये की कमाई (Freight Income) की थी. इस साल रेलवे ने पिछले साल के मुकाबले 13.54 फीसदी अधिक कमाई की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 9:19 PM IST
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अनिल कुमार

नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कई मोर्चों पर कहा है कि कोरोना संकट (Coronavirus Crisis) को अवसर में बदला जाना चाहिए. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को मजबूत किया जाना जरूरी है. पीएम मोदी के इसी आह्वान पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रेलवे ने सितंबर 2020 में बंपर कमाई (Bumper Income) की है. इस दौरान रेलवे को पिछले साल के मुकाबले मालढुलाई से 1180.57 करोड़ रुपये ज्‍यादा कमाई (Freight Income) हुई है. बता दें कि यात्री ट्रेनें (Passenger Trains) कम चलने और ट्रेक खाली रहने की वजह से मालवाहक ट्रेनों की स्पीड व आवाजाही बढ़ गई है.

सितंबर 2019 के मुकाबले मालढुलाई से 13.5% ज्‍यादा कमाई
रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2020 में 9896.86 करोड़ रुपये की मालढुलाई की गई है. वहीं, सितंबर 2019 में मालढुलाई से रेलवे ने 8716.29 करोड़ रुपये की कमाई की थी यानी इस साल रेलवे ने पिछले साल के मुकाबले 13.54 फीसदी अधिक कमाई की है. सितंबर 2020 में रेलवे ने 102.12 मिलियन टन सामान की ढुलाई की, जो पिछले साल के सितंबर माह के मुकाबले 13.59 मिलियन टन ज्‍यादा है. सितंबर 2019 में 88.53 मिलियन टन सामान का ट्रांसपोर्टेशन किया गया था यानी सितंबर 2019 के मुकाबले सितंबर 2020 में 15.35 फीसदी ज्‍यादा मालढुलाई की गई.
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रेलवे ने सितंबर में सबसे ज्‍यादा इन सामानों को किया ट्रांसपोर्ट
भारतीय रेलवे ने सितंबर 2020 में कुल 102.12 मिलियन टन सामान विभिन्‍न स्थानों के लिए ट्रांसपोर्ट किया, जिसमें सबसे अधिक 42.89 मिलियन टन कोयला, 13.53 मिलियन टन लौह अयस्क, 6.3 मिलियन टन खाद्यान्‍न, 5.34 मिलियन टन उवर्रक, 6.05 मिलियन टन सीमेंट, 3.85 मिलियन टन क्लींकर और 3.52 मिलियन टन खनिज तेल शामिल हैं. ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारतीय रेलवे ने मालढ़ुलाई में कई आकर्षक छूट देने का ऐलान भी किया है. यहीं नहीं रेलवे पार्सल ट्रेन, समयबद्ध पार्सल ट्रेन और किसान ट्रेन भी चला रही है.



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मार्च 2022 तक पूरी होगी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना
रेलबे बोर्ड (Railway Board) के चेयरमैन और सीईओ विनोद कुमार यादव (CEO VK Yadav) ने बताया कि भारतीय रेलवे एक नेशनल रेलवे प्लान-2030 भी तैयार कर रहा है. इसके तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना मार्च 2022 तक पूरी होनी है. परियोजना के पूरा होने और जीरो बेस्ड टाइम टेबल तैयार किए जाने से माल ट्रेनों की स्पीड व रेलवे की कमाई में इजाफा होगा. रेलवे ने चौथी किसान विशेष ट्रेन नागपुर से दिल्ली के बीच चलाने का फैसला भी किया है. यहीं नहीं, किसान ट्रेन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी भारतीय रेलवे से अपील की है.
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