अलीबाबा पर कार्रवाई के बाद खौफ में चीन की टेक कंपनियां, 2 दिन में ही डूब गए 15 लाख करोड़ रुपये

अलीबाबा ग्रुप

अलीबाबा ग्रुप

चीन सरकार अब टेक्नोलॉजी कंपनियों पर शिकंजा कसती जा रही है. चीनी नियामक इन कंपनियों पर एंटी मोनोपोली प्रैक्टिसेज (Anti-Monopoly Practices) की जांच कर रही है. फिलहाल जैक मा की कंपनी अलीबाबा ग्रुप (Alibaba Group) पर जांच चल रही है. इसके बाद यहां की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को दो दिन में ही 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

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नई दिल्ली. चीन सरकार अब टेक्नोलॉजी कंपनियों पर शिकंजा कसने की ओर कदम बढ़ा रही है. जैक मा (Jack Ma) की कंपनी अलीबाबा ग्रुप और Ant Group पर कार्रवाई के बाद अब चीन की दूसरी टेक कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं. चीन की इन सभी बड़ी कंपनियों को महज दो दिन में करीब 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. दरअसल, चीन के मार्केट रेगुलेटर ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ एकाधिकार-रोधी जांच (Antitrust Scrutiny) शुरू करने की घोषणा की है. इसका असर अब अलीबाबा के साथ दूसरी टेक कंपनियों पर भी पड़ने लगा है. दूसरी टेक कंपनियों को लगने लगा है कि वो भी एंटीट्रस्ट जांच के दायरे में आ सकती हैं.

तीन में महीने में अलीबाबा को 20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

एंटीट्रस्ट के तहत कार्रवाई के डर से लगातार दूसरे दिन भी अलीबाबा के साथ उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी टेनसेंट होल्डिंग्स (Tencent Holdings Ltd), फूड डिलिवरी कंपनी Meituan और JD.com Inc के स्टॉक्स की जमकर बिकवाली देखने को मिली. सोमवार को अलीबाबा के स्टॉक्स में 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. अक्टूबर से लेकर अब तक चीनी रेगुलेटर्स के शिकंजे की वजह से कंपनी को 270 बिलियन डॉलर यानी करीब 20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. वहीं, Tencent और Meituan दोनों कंपनियों के शेयर में आज 6 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, JD.com के शेयर 2 फीसदी टूटे हैं. इससे इन चारों टेक कंपनियों को पिछले दो दिनें में 200 बिलियन डॉलर यानी करीब 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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Ant Group में बदलाव करने के आदेश

चीन ने इंटरनेट सेक्टर में एंटी मोनोपोली प्रैक्टिसेज को लेकर जांच तेज कर दी है. रविवार को चीन के सेंट्रल बैंक ने Ant Group को अपने कारोबारों में सुधार (रेक्टिफिकेशन) करने का आदेश दिया है. रेगुलेटर्स ने कहा कि Ant ग्रुप नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करे. चीन के रेगुलेटर्स ने रविवार को बयान में कहा कि चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने Ant Group के एग्जीक्यूटिव्स को समन जारी किया और उन्हें आदेश दिया गया है कि वे एक रेक्टिफिकेशन प्लान तैयार करें.

साथ ही क्रेडिट, इंश्योरेंस व वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज समेत अपने कारोबार के इंप्लीमेंटेशन टाइमटेबल को भी तैयार करें. रेगुलेटर्स ने Ant Group को अपनी जड़ में वापस जाने और खुद को पेमेंट सर्विस के तौर पर फिर से स्थापित करने का आदेश दिया. आपको बता दें कि Ant Group की शुरुआत अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Taobao के लिए पेमेंट सर्विसेज के तौर पर हुई थी. आज यह ग्रुप इंश्योरेंस व इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट की भी पेशकश करता है.



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कंज्यूमर्स के अधिकारों का हनन

रेगुलेटर्स ने अपने बयान में कहा कि Ant Group में गवर्नेंस मैकेनिज्म की कमी है. ग्रुप ने रेगुलेशन का उल्लंघन किया है और कंपनी ने मार्केट में अपनी पोजिशन का इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंद्वियों को बाहर करने में किया है. इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों को हानि पहुंची है. दरअसल, चीन की सरकार अलीबाबा और वीचैट के दबदबे को लेकर चिंतित है. चीन की सरकार प्राइवेट सेक्टर की उन कंपनियों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है, जो ऑनलाइन बैंकिंग में विस्तार कर रही हैं, जबकि चीन वित्तीय जोखिमों को कम करने का प्रयास कर रहा है.

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