आपके जेब में रखे 10 रुपये के नोट से हिल सकती है सरकार, 600 कर्मचारी बर्खास्‍त

चसी अरोड़ा की आरटीआई के कारण हरियाणा और पंजाब में कई घोटालों का पर्दाफाश हो चुका है और कई घोटालेबाज जेल की हवा खा चुके हैं.

News18Hindi
Updated: January 21, 2019, 10:12 AM IST
आपके जेब में रखे 10 रुपये के नोट से हिल सकती है सरकार, 600 कर्मचारी बर्खास्‍त
आपकी जेब में रखी 10 रुपये की नोट से हिल सकती है सरकार
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Updated: January 21, 2019, 10:12 AM IST
आज के समय में जेब में रखे दस रुपये के नोट की अहमियत भले ही काफी कम आंकी जाती हो लेकिन आपका दस रुपये का नोट सरकार को भी हिला सकता है. आज हम आपको 10 रुपये की उस ताकत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके होने भर से सरकारी तंत्र खौफ में आ जाता है. दरअसल हम बात कर रहे आरटीआई की. दस रुपये की आरटीआई के जरिए आप किसी भी सरकारी विभाग या फिर सरकार से अपनी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

एडवोकेट एचसी अरोड़ा उन लोगों में शामिल हैं जो किसी भी सरकारी कार्यालय में पहुंचते हैं तो घोटालेबाजों के बीच खौफ पैदा हो जाता है. एचसी अरोड़ा की आरटीआई के कारण हरियाणा और पंजाब में कई घोटालों का पर्दाफाश हो चुका है और कई घोटालेबाज जेल की हवा खा चुके हैं. दस रुपये की आरटीआई की ताकत के बाद मिले सबूतों के बाद भी जब सरकारों की आंखें नहीं खुलीं तो एचसी अरोड़ा हाईकोर्ट पहुंच गए और आखिरकार सरकरों को हरकत में आना पड़ा. आरटीआई की याचिका के कारण ही हरियाणा और पंजाब सरकार को छह सौ अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त करना पड़ा.

पंजाब पुलिस में छह पर हत्‍या का मुकदमा, फिर भी कर रहे नौकरी
एचसी अरोड़ा ने आरटीआई के माध्‍यम में लगभग सभी सरकारी विभाग से जानकारी हासिल की है. इसी कड़ी में जब हरियाणा और पंजाब विजिलेंस से ब्योरा एकत्र किया तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आ गए. आरटीआई के जरिए अरोड़ा ने पूछा था कि राज्‍य में कितने कर्मचारियों के ऊपर भ्रष्‍टाचार का मुकदमें दर्ज हैं. इसी के साथ उन्‍होंने यह भी जानने की कोशिश की कि अभी उनकी मौजूदा स्‍थिति क्‍या है. आटीआई के जवाब में जो मामला सामने आया वह चौंकाने वाला था. पंजाब पुलिस के छह कर्मचारियों पर हत्‍या के दोषी थे और वह नौकरी भी कर रहे थे.

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एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को मिला न्‍याय
इसे एचसी आरोड़ा का संघर्ष ही कहेंगे, जिनके कारण एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को सरकार से काफी मदद मिली है. अरोड़ा ने आरटीआई के जरिए आवाज उठाई और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को मुफ्त इलाज और मुआवजा दिलाए जाने की आवाज उठाई और इस पर कानून बना. अब एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं का मुफ्त इलाज होने के साथ मुआवजा भी दिया जाता है. एसिड अटैक की पीड़ित महिलाओं को आठ हजार रुपये पेंशन के रूप में दिए जा रहे हैं.
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आरटीआई डालने के लिए लगते हैं मात्र 10 रुपये
भारत सरकार ने आरटीआई के अंतर्गत सूचना मांगने के लिए दस रुपये निर्धारित किए हैं. यदि आवदेनकर्ता बीपीएल धारक है तो उसे दस रुपये भी नहीं देने होते हैं. बस उसे आवेदन के साथ बीपीएल परिवार से जुड़े दस्‍तावेज जमा करने होंगे.

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आरटीआई की फीस कैसे जमा करें
आरटीआई की फीस आवेदनकर्ता अपनी सुविधानुसार नगद, डिमांड ड्राफ्ट और पोस्‍टल ऑर्डर के जरिए जमा कर सकता है. डिमांड ड्राफ्ट अथवा पोस्‍टल ऑर्डर संबंधित विभाग के अकाउंट ऑफिसर के नाम से होना चाहिए. पोस्‍टल ऑर्डर किसी भी पोस्‍ट ऑफिस से लिया जा सकता है.

ऑनलाइन कैसे करें आवेदन
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको विभाग की ऑफिशियल साइट https://rtionline.gov.in/request/request.php पर जाना होता है. वेबसाइट पर समिट रिक्‍वेस्‍ट पर क्‍लिक करना होगा. जैसे ही आप इस पर जाएंगे तो कुछ गाइडलाइंस ओपन होकर आ जाएंगे. इसे पढ़ने के बाद चेक बॉक्‍स में टिक करके सबमिट बटन में क्‍लिक करना होगा. इसके बाद एक फॉर्म खुलकर आ जाएगा. इस फॉर्म में पूछी गई जानकारी आपको भरनी होगा और जरूरी दस्‍तावेज की स्‍कैन कॉपी अपलोड करनी होगी. फॉर्म भरने के बाद सिक्‍योरिटी कोड को बॉक्‍स में भरकर सबमिट का बन क्‍लिक करना होगा.

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