iPhone बनाने वाली कंपनी Apple ने रचा इतिहास, बनी 150 लाख करोड़ रुपये की कंपनी, रूस की GDP से ज्यादा

एप्पल बनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी

एप्पल बनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी

World Biggest Company-आईफोन बनाने वाली एप्पल ( Apple) का शेयर बुधवार को कारोबार के दौरान अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इसके कंपनी की मार्केट कैप बढ़कर रिकॉर्ड स्तर 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 1:28 PM IST
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वाशिंगटन. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी एप्पल (Apple) का मार्केट कैप पहली बार 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गया है. यह मुकाम हासिल करने यह पहली अमेरिकी कंपनी है. इससे पहले साल 2018 में कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर (75 लाख करोड़ रुपये) का मार्केट कैप हासिल किया था. अमेरिकी शेयर बाजार की प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नैसडैक पर बुधवार को एप्पल का शेयर अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इस वजह से कंपनी की मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गई. आपको बता दें कि आईफोन बनाने वाली यह कंपनी 12 दिसंबर 1980 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी. तब से अब तक कंपनी का शेयर 76000 फीसदी का रिटर्न दे चुका है.

2 लाख करोड़ डॉलर की कंपनी बनने के मायने- मौजूदा समय में मार्केट कैप के लिहाज से एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. कंपनी की मार्केट कैप कई देशों की जीडीपी जैसे रूस, ब्राजील, इटली, कनाडा, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, मैक्सिको, तुर्की, ताइवान, UAE और नॉर्वे से ज्यादा हो गई है.

कंपनी के शेयर में क्यों आ रही है तेजी- एप्पल ने दो साल पहले 1 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया था. यूएस स्टील ने 1901 में 1 बिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया था. हालांकि दुनिया की बात करें तो एप्पल 2 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल करने वाली पहली कंपनी नहीं है. सऊदी अरामको पिछले साल स्टॉक मार्केट में आते ही इस मुकाम पर पहुंच गई थी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एप्पल के नए 5G आईफोन को लेकर काफी उम्मीदें लगाई जा रही है. इसीलिए शेयर में तेजी जारी है.

चीन को झटका दे सकती है एप्पल- कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच चीन को एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है. एप्पल (Apple) असेंबली पार्टनर पेगाट्रॉन (Pegatron) भारत में अपना पहला प्लांट लगाएगी.

VIDEO- जानिए क्या है 2 लाख करोड़ डॉलर की कंपनी बनने के मायने



पेगाट्रॉन दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. जून में, सरकार ने दुनिया के शीर्ष स्मार्टफोन निर्माताओं को लुभाने के लिए 6.6 अरब डॉलर की योजना बनाई, जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन और उपयोग में आने वाले विनिर्माण क्लस्टर की पेशकश की गई.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पेगाट्रॉन अब भारत में कंपनी की स्थापना कर रहा है और ताइवान के इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलरों फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप (Foxconn Technology Group) और विस्ट्रॉन (Wistron) में शामिल हो रहा है, जो पहले से ही दक्षिण भारत में कुछ आईफोन हैंडसेट बना रहे हैं. चीन में कई कारखानों के साथ, Pegatron दूसरा सबसे बड़ा iPhone असेंबलर है और अपने आधे से अधिक व्यवसाय के लिए Apple पर निर्भर करता है. अन्य कंपनियों की तरह यह दक्षिण भारत में प्लांट स्थापित करेगी.
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