पुराने iPhone स्लो करना Apple को पड़ा महंगा, कंपनी पर लगा 8.3 अरब रु का जुर्माना

Apple को पुराने iPhone स्लो करना पड़ा मंहगा
Apple को पुराने iPhone स्लो करना पड़ा मंहगा

अमेरिका की टेक कंपनी Apple ने 2017 में एक अपडेट के जरिए पुराने iPhone स्लो कर दिए थे. कंपनी पर अमेरिका में मुकदमा चला और इसके सेटलमेंट के लिए कंपनी अब 113 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 अरब रुपये) का जुर्माना देगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 1:08 PM IST
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अमेरिका की टेक कंपनी Apple ने 2017 में एक अपडेट के जरिए पुराने iPhone स्लो कर दिए थे. जिसके लिए कंपनी मुकदमा चला और इसके सेटलमेंट के लिए अब Apple को 113 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 अरब रुपये) का जुर्माना देना पडेगा. Apple ने ऐलान किया है कि Batterygate मामले के सेटलमेंट के लिए 113 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 अरब रुपये) का जुर्माना देगी. अमेरिका के लगभग 34 राज्य मिल कर ऐपल की जांच कर रहे थे. आपको बता दें कि इससे पहले भी कंपनी इसे मामले में 500 मिलियन डॉलर की पेनाल्टी दे चुकी है. इस तरह ऐपल को कुल 613 मिलियन डॉलर यानी लगभग 45.54 अरब रुपये चुकाना पड़ रहा है.

जानिए क्या है Batterygate मामला
2017 में ऐपल ने ऐसा अपडेट जारी किया था जिसके चलते कंपनी के पुराने iPhone स्लो हो गए थे और इसकी जानकारी कंपनी ने यूजर्स को पहले से नहीं दी थी. ऐपल के इस अपडेट के बाद पुराने आईफोन स्लो हो गए. जब लोगों ने इसकी शिकायत की तो कंपनी ने अपनी सफाई में कहा कि फोन में परेशानी न आए और बैटरी के चलते फोन बंद न हों, इसलिए कंपनी ने ऐसा किया है.

34 राज्यों ने ऐपल के खिलाफ शुरू की जांच
कंपनी की ये दलील लोगों को रास नहीं आई और अमेरिका के लगभग 34 राज्यों ने ऐपल के खिलाफ जांच शुरू करने और कोर्ट जाने का फ़ैसला किया. स्टेट्स का कहना था कि ऐपल लोगों को नए और महंगे आईफ़ोन ख़रीदने के लिए मजबूर कर रहा है. पुराने फ़ोन को अपडेट के ज़रिए स्लो किया जाता है ताकि लोग कंपनी के नए और महंगे iPhone मॉडल्स ख़रीद सकें.



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ऐपल ने गलती मानने से किया इनकार
अमेरिकी कोर्ट ने ऐपल से सभी उन अमेरिकी कस्टमर्स को 25 डॉलर देने को कहा जो इस अपडेट से प्रभावित हुए हैं. इस अपडेट से iPhone 6, iPhone 6s, iPhone 6s Plus, iPhone 7, iPhone 7 Plus और iPhone SE प्रभावित हुए थे. ऐपल ने भले ही जुर्माना अदा करने के लिए राज़ी हुआ, लेकिन कंपनी ने ये मानने से इनकार किया कि उनसे गलती हुई है. कंपनी ने बात भी मानी की अपडेट के ज़रिए पुराने आईफ़ोन स्लो किए गए, लेकिन साथ में ये भी कहा कि ये इसलिए किया गया ताकि बैटरी सेफ़ रखी जा सके और फ़ोन को अनचाहे शटडाउन से बचाया जा सके.
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