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कैसे ठग डीमैट अकाउंट से उड़ा रहे हैं पैसे, धोखाधड़ी से बचने के लिए सुनिए जेरोधा फाउंडर की बात

अपने ट्रेडिंग खाते के लॉग इन डिटेल्स भी शेयर नहीं करने चाहिए.

अपने ट्रेडिंग खाते के लॉग इन डिटेल्स भी शेयर नहीं करने चाहिए.

कुछ लोग मार्केट एक्‍सपर्ट बन निवेशक का विश्‍वास हासिल कर उसकी लॉग इन डिटेल हासिल कर लेते हैं. फिर पेनी स्‍टॉक्‍स या इलि ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

इलिक्विड ऑप्शन्स का यूज़ करके निवेशक के डीमैट में फर्जी नुकसान दिखाया गया और फिर पैसे उड़ा लिए जाते हैं.
इस तरह के कई मामले सामने आए हैं. बड़ी बात ये है कि निवेशकों को बहुत बाद में इसका पता चलता है.
नितिन कामत ने कहा है कि अपने डीमैट अकाउंट के लॉगिन डिटेल्स किसी के साथ शेयर ना करें.

नई दिल्‍ली. देश की सबसे बड़ी ब्रोकिंग फर्म जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत (Nithin Kamath) ने खुलासा किया है कुछ लोग निवेशकों के डीमैट अकाउंट से पैसे उड़ा रहे हैं. ठग इतने शातिर हैं कि अकाउंट होल्‍डर को ठगे जाने का पता भी बहुत देर से चलता है. धोखाधड़ी करने वाले स्‍वयं को शेयर मार्केट एक्‍सपर्ट बनकर निवेशकों को अपने जाल में फंसाते हैं और डीमैट अकाउंट की लॉग इन डिटेल्‍स हासिल कर लेते हैं.

नितिन कामत ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में लिखा है कि ऐसे कई मामले आए हैं, जहां पेनी शेयरों या इलिक्विड ऑप्शंस का इस्तेमाल करके निवेशक के डीमैट में फर्जी नुकसान दिखाया गया और फिर उसके खाते में पड़े पैसों को निकाल लिया गया. निवेशक को काफी समय के बाद समझ में आता है कि वह फ्रॉड का शिकार हो गया है.

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ऐसे करते हैं धोखाधड़ी
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, नितिन कामथ ने ब्लॉग में लिखा है, “जब हमें नुकसान होता है तब हम किसी की भी सलाह मान लेते हैं. बाजार में बहुत सारे सलाहकार हैं जो निवेशक की मदद करते हैं. इनके बीच ही ऐसे कई धोखेबाज भी हैं जो सोशल मीडिया पर मार्केट एक्सपर्ट होने का दावा करते हैं और किसी निवेशक का शिकार करने की फिराक में रहते हैं.”

कामथ ने लिखा है कि ये धोखेबाज आपकी मदद के नाम आपके डीमैट अकाउंट का लॉग-इन डिटेल्स ले लेंगे. इसके बाद ये आपके अकाउंट में गैर-वास्तविक ट्रेड्स का उपयोग करके एक नुकसान पैदा कर देते हैं और आपके पैसे को किसी अन्य ट्रेडिंग अकाउंट में भेज देते हैं. इससे आपके लिए यह पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि आपके अकाउंट में घोटाला हो चुका है.

यह है बचने का तरीका
नितिन कामथ का कहना है कि निवेशक इसलिए ठगे जाते हैं, क्‍योंकि वे अपने अकाउंट का लॉग इन डिटेल्‍स दूसरों को दे देते हैं. निवेशक के ट्रेडिंग अकाउंट से पैसे निकालने के लिए इलिक्विड ऑप्शंस या पेनी स्टॉक का इस्तेमाल करके फर्जी नुकसान दिखाया जा सकता है. जैसे अपने बैंक खाते से जुड़े लॉगिन डिटेल्स हम किसी के साथ शेयर नहीं करते, वैसे ही अपने ट्रेडिंग खाते के लॉग-इन पासवर्ड भी शेयर नहीं करने चाहिए. कामत का कहना है कि डीमैट अकाउंट से छेड़छाड़ का एक दूसरा तरीका फिशिंग फ्रॉड है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप आधिकारिक ब्रोकर वेबसाइटों और ऐप के अलावा कहीं भी लॉग इन डिटेल्स न भरें.

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इन बातों का रखें ध्‍यान

  • कभी भी अपने लॉगिन डिटेल्स किसी के साथ शेयर ना करें.
  • अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग नहीं समझते हैं, तो उसमें कभी ट्रेड न करें, भले ही कोई आपसे कुछ भी कहे.
  • यदि आपको ऑप्‍शंस की समझ है, तो यह जान लें कि जब इलिक्विड ऑप्शंस का ट्रेज होता है, तो आप उसकी फेयर वैल्यू इम्प्लॉइड वोलैटिलिटी का इस्तेमाल करके लिक्विड स्ट्राइक और उसकी अंडरलाइंग को बदल सकते हैं और यहीं धोखाधड़ी होती है.
  • अगर आपने किसी ऐसे व्यक्ति को अपने खाते की डिटेल्स दी है, जिसने इस तरह से आपका नुकसान किया है तो इसकी शिकायत आप पुलिस से कर सकते हैं.

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