सस्ते तेल का फायदा उठा रहा भारत, पेट्रोल पंप फुल होने के बाद अब यहां भरे जा रहे लाखों बैरल Crude Oil

यहां भरा जा रहा लाखों लीटर कच्चा तेल
यहां भरा जा रहा लाखों लीटर कच्चा तेल

भारत सस्ते तेल का फायदा उठाने के लिए तेल के रणनीतिक भंडार भर रहा है. पेट्रोल पंपों के 100 फीसदी तक भर जाने पर अब समुद्र में तेल का भंडारण किया जा रहा है.

  • Share this:
नई दिल्ली. भारतीय रिफाइनरी कंपनियां सस्ते कच्चे तेल (Crude Oil) का फायदा उठा रही हैं. भारतीय तेल कंपनियों अपनी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सस्ते तेल का लाभ उठी रहे हैं और वो समुद्र में तेल का भंडार कर रही हैं. पेट्रोलियम मंत्री (Oil Minister) धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, सरकारी और प्राइवेट प्रोसेसर्स ने समुद्र में टैंकर्स में 70 लाख टन यानी 5 करोड़ बैरल के बराबर तेल का भंडारण किया है. पेट्रोल पंपों के 100 फीसदी तक भर जाने के बाद अब समुद्र में तेल का भंडारण किया जा रहा है.

बता दें कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति है. इस कारण दुनियाभर में औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई है. इसके चलते खपत में जबरदस्त गिरावट आई है और उसके परिणाम स्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है. यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 60 फीसदी टूटकर निगेटिव में चला गया था. मई महीने का यूएस WTI क्रूड ऑयल का वायदा भाव शून्य से 37.63 डॉलर नीचे चला गया था.

ये भी पढ़ें- 27.96 रुपये का पेट्रोल ऐसे हो जाता है 71.26 रुपये का, जानें कितना टैक्स देते हैं आप



लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को फ्लोटिंग स्टोरेज के रूप में जाना जाता है और इसके लिए ऑनशोर स्टोरेज विकल्प का उपयोग किया जाता है. प्रधान ने कहा कि 2.5 करोड़ टन तेल को रिफाइनरियों, पाइपलाइनों और अंतर्देशीय डिपो में स्टोर कर लिया गया है. इस तरह भारत ने कम दाम का फायदा उठाकर 3.2 करोड़ टन तेल का भंडारण किया हुआ है. प्रधान ने बताया कि भारत की कुल तेल मांग के 20 फीसद के करीब तेल भंडारण किया गया है.
अप्रैल में ऑयल प्रोडक्ट्स की मांग 70 फीसदी घटी
प्रधान ने कहा कि अप्रैल में देश में ऑयल प्रोडक्ट्स की मांग 70 फीसदी घटी है. भारत दुनिया का तीसरा बड़ा ऑयत खपत वाला देश है और भारत अपनी आपूर्ति का 80% तेल इम्पोर्ट करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है. हालांकि कुछ उद्योगों और कृषि के साथ गुड्स ट्रांसपोर्ट को शुरू करने की अनुमति मिल गई है.

ये भी पढ़ें: खुद से मीटर रीडिंग कर समय पर भरें बिजली का बिल, जीतें LED टीवी और बहुत कुछ

PMFBY: किसानों को इतने घंटे के भीतर देनी होगी फसल नुकसान की जानकारी, वरना नहीं मिलेगा बीमा का लाभ
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज