आखिर झुक ही गया चीन! वापस लिया ये कानून, भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार में बड़ा उछाल

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Updated: September 4, 2019, 1:50 PM IST

चीन (China) की ओर से Extradition बिल को वापस लेने के बाद हांगकांग (Hong Kong Stock Market) के शेयर बाजार में बड़ा उछाल आया है.

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चीन (China) की ओर से विवादास्पद Extradition बिल को वापस लेने के बाद हांग-कांग (Hong Kong Stock Market) के शेयर बाजार में बड़ा उछाल आया है. इसका असर सभी एशियाई बाजारों (Asian Markets) पर दिख रहा है. भारत का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी (Sensex-Nifty Surge) भी गिरावट को खत्म कर तेजी के साथ कारोबार कर रहे है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन की ओर से उठाया गया ये कदम बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ट्रेड वॉर (Trade War) के अलावा दुनिया की निगाहें हांग-कांग में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर भी है. चीन लगातार कह रहा था कि अमेरिका ही हांग-कांग मामले को हवा दे रहा है. आपको बता दें कि हांगकांग दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार है. उसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 3.93 लाख करोड़ डॉलर यानी 275.1 लाख करोड़ रुपये है. वहीं, भारत का स्टॉक मार्केट दुनिया के 10 सबसे बड़े स्टॉक मार्केट की लिस्ट में 10वें पायदान पर है.

चीन ने वापस लिया Extradition बिल- कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पशुपति ने न्यूज18इंडिया को बताया कि इस बिल को लेकर बहुत ज्यादा विरोध हो रहा था. हालांकि, इस कानून को पिछले दिनों सस्पेंड कर दिया गया था. अब इसे पूरी तरह से वापस ले लिया गया है.

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चीन की ओर से Extradition बिल को वापस लेने के बाद हांग-कांग के शेयर बाजार में बड़ा उछाल आया है


आपको बता दें कि पिछले दिनों हांगकांग प्रशासन एक विधेयक लेकर आया था, जिसके मुताबिक अगर हांगकांग का कोई व्यक्ति चीन में कोई अपराध करता है या प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ हांगकांग में नहीं बल्कि चीन में मुकदमा चलाया जाएगा. बस फिर क्या था, जोशुआ वांग (23) के नेतृत्व में हांगकांग के युवाओं ने इस विधेयक के खिलाफ बिगुल फूंक दिया और सड़कों पर उतर चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे. देखते ही देखते हांगकांग की सड़कों पर लाखों की संख्या में युवा जमा हो गए.

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हांगकांग आधिकारिक तौर पर चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है, लेकिन 'एक देश, दो नीति' के अंतर्गत यहां की अपनी मुद्रा, कानून प्रणाली, राजनीतिक व्यवस्था, अप्रवास पर नियंत्रण और सड़क के नियम हैं. केवल विदेशी मामलों और रक्षा को छोड़कर हांगकांग को सभी क्षेत्रों में 'उच्च स्तर की स्वायत्तता' प्राप्त है. यहां के विदेशी मामले और रक्षा से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी चीन सरकार की है.
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दुनियभार के शेयर बाजार में बड़ा उछाल- इस खबर के बाद जापान का बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई, 0.50 फीसदी, चीन का शंघाई इंडेक्स 1 फीसदी और हांग-कांग का हैंगसैंग इंडेक्स 4 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी, लेकिन अब 0.20 फीसदी तक उछल गए है.

भारत पर क्या होगा असर- अगर दुनियाभर के शेयर बाजार में फिर से तेजी लौटेगी तो इसका असर भारत पर भी होगा. सुब्रमण्यम पशुपति बताते हैं कि अब इस कानून के वापस होने से शेयर बाजार की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है. इसीलिए हांग-कांग का बेंचमार्क इंडेक्स हैंगसैंग 3 फीसदी उछल गया है. अगर इसी तरह से ट्रेड वॉर भी बात बनती है भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आ सकती है.

हांगकांग पहले ब्रिटेन के कब्जे में था. एक बिजनेस बंदरगाह के तौर पर डेवल्प हुआ है. इसके बाद हांगकांग को 1842 में ब्रिटेन का विशेष उपनिवेश बना लिया था, लेकिन 1843 में चीन ने इसे ब्रिटेन से खरीद लिया. हालांकि द्वितीय विश्वयुद्ध के समय हांगकांग पर जापान ने कब्जा कर लिया था.

बाद में जब जापानी सैनिक मारे गए तो हांगकांग फिर से चीन के कब्जे में आ गया. 19 दिसंबर, 1984 को चीन और ब्रिटेन के बीच हांगकांग ट्रांसफर एक्सचेंज (चीन-ब्रिटिश संयुक्त घोषणा) पर हस्ताक्षर किए गए और तब से यह चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र बन गया.

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First published: September 4, 2019, 12:55 PM IST
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