सिर्फ 10 रुपये रोजाना बचाकर पाएं 60 हजार रुपये पेंशन! सरकार ने अब 2 करोड़ खाताधारकों के लिए नया ऐलान

अटल पेंशन योजना देश के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को पेंशन देने के मकसद से शुरू की गई है.

अटल पेंशन योजना देश के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को पेंशन देने के मकसद से शुरू की गई है.

मोदी सरकार (Government of India) की इस बड़ी योजना के तहत आप रोजाना 10 रुपये बचाकर सालाना 60 रुपये की पेंशन (5000 Rupees Pension) प्राप्‍त कर सकते हैं. आइए जानें इसके बारे में सबकुछ...

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नई दिल्ली. मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के सदस्यों की संख्या 2.23 करोड़ से अधिक हो गई है. इसके तहत अब  कोरोना के इलाज के लिए सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम (एनपीएस) से पैसा निकालने की मंजूरी दे दी है. पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए ने इसकी इजाजत दी है. एनपीएस के टियर-1 खाते से इसके लिए आंशिक निकासी की जा सकती है. आपको बात दें कि मोदी सरकार (Government of India) की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आप रोजाना 10 रुपये बचाकर 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 5,000 रुपये की पेंशन (60 हजार रुपये सालाना पेंशन) प्राप्‍त कर सकते हैं. 





अब मिली ये मंजूरी- सर्कुलर के अनुसार, यह पैसा एनपीएस के सदस्‍य अपने, जीवनसाथी, बच्‍चों या आश्रित माता-पिता के इलाज के लिए निकाल सकते हैं. पीएफआरडीए ने इसे लेकर 9 अप्रैल 2020 को एक सर्कुलर जारी किया था. इसमें कोरोना वायरस संक्रमण को क्रिटिकल इलनेस यानी गंभीर बीमारी करार दिया गया था. इसे जानलेवा बताया गया था. उसी के अनुसार, इसके इलाज के लिए एनपीएस से आंशिक निकासी की मंजूरी दी गई थी.



अटल पेंशन योजना देश के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को पेंशन देने के मकसद से शुरू की गई है. इस कदम का मतलब यह है कि 30 जून तक इस स्‍कीम में निवेश करने वालों के खाते से कॉन्ट्रिब्‍यूशन की रकम नहीं काटी जाएगी.
रकम निकालने के लिए कौन-कौन से डॉक्युमेंट चाहिए?- पैसा निकालने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी. इसके साथ ही एक तय प्रारूप में आवेदन करना होगा. कुछ खास मामलों में ही एनपीएस से पैसा निकालने की छूट दी गई है. इनमें बच्‍चों की उच्‍च शिक्षा, उनकी शादी, रिहायशी मकान की खरीदारी और खास बीमारी का इलाज शामिल हैं. मौजूदा नियमों के अनुसार, एनपीएस से सेल्फ कॉन्ट्रिब्‍यूशन (अपने अंशदान) का 25 फीसदी से ज्‍यादा नहीं निकाला जा सकता है. हालांकि, पैसा निकालने को लेकर एक अतिरिक्‍त शर्त भी है.





आंशिक निकासी तभी की जा सकती है जब किसी ने एनपीएस मेंबर के तौर पर तीन साल पूरे कर लिए हों. सेल्‍फ कॉन्ट्रिब्‍यूशन के 25 फीसदी तक इस निकासी पर टैक्‍स नहीं पड़ता है.



इस तरह निकाली जाने वाली रकम इस बात पर निर्भर करती है कि मेंबर के टियर-1 एनपीएस अकाउंट में कितनी रकम बची हुई है.



उदाहरण के लिए अगर मेंबर ने चार साल के लिए एनपीएस में हर साल एक लाख रुपये जमा किए हैं तो वह खाते से 4 लाख रुपये का 25 फीसदी यानी 1 लाख रुपये ही निकाल सकता है.



ऐसे निकालें घर बैठे पैसे?



एनपीएस खाते से पैसा निकालने का तरीका-एनपीएस के टियर-1 खाते से ऑनलाइन पैसा निकाला जा सकता है. इसके लिए कुछ स्‍टेप को फॉलो करना होगा. यहां उनके बारे में देखते हैं.



पहला कदम- सबसे पहले https://www.cra-nsdl.com/CRA/ पर जाकर अपने एनपीएस अकाउंट में लॉग-इन करें. आपका यूजर आईडी परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर यानी पीआरएन होगा.



दूसरा कदम- एनपीएस अकाउंट में लॉग-इन करने के बाद 'ट्रांजेक्‍ट ऑनलाइन' टैब में 'विदड्रॉल' ऑप्‍शन को सेलेक्‍ट करें.



तीसरा कदम-  'विदड्रॉल' ऑप्‍शन के अंदर 'पार्शियल विदड्रॉल फ्रॉम टियर-1' ऑप्‍शन को चुनें.



चौथा कदम- आपकी स्‍क्रीन पर एक नया वेबपेज खुल जाएगा. आपको पीआरएएन को कन्‍फर्म करना होगा. अगर पीआरएएन सही है तो 'सब्मिट' पर क्लिक करें. वेबपेज आप से सिस्‍टम जेनरेटेड फॉर्म जमा करने के लिए कहेगा. इसके साथ अन्‍य सहायक दस्‍तावेजों को भी जमा करना होगा. इनकी आपके नोडल ऑफिस में प्रॉसेसिंग होगी.



पांचवां कदम-  आपकी स्‍क्रीन पर एक नया वेबपेज खुल जाएगा. आपको पीआरएएन को कन्‍फर्म करना होगा. अगर पीआरएएन सही है तो 'सब्मिट' पर क्लिक करें. वेबपेज आप से सिस्‍टम जेनरेटेड फॉर्म जमा करने के लिए कहेगा. इसके साथ अन्‍य सहायक दस्‍तावेजों को भी जमा करना होगा. इनकी आपके नोडल ऑफिस में प्रॉसेसिंग होगी.



छठा कदम-एक नया टैब खुलेगा जिसमें पीआरएएन, नाम, जन्‍मतिथि, निकासी के लिए उपलब्‍ध रकम इत्‍यादि जैसी बातों का ब्‍योरा होगा. आपको बताना होगा कि आप कितने फीसदी रकम निकालना चाहते हैं. यहां याद रखें कि अपने कॉन्ट्रिब्‍यूशन के 25 फीसदी से ज्‍यादा रकम नहीं निकाली जा सकती है. आपको आंशिक निकासी करने का कारण भी बताना होगा. इसके लिए सब्मिट पर क्लिक करें.



सब्मिट पर क्लिक करने के बाद डाउनलोड करने के लिए एक सिस्‍टम जेनरेटेड फॉर्म उपलब्‍ध होगा. आपको मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ इस फॉर्म को नोडल ऑफिस भेजना होगा. नोडल ऑफिस आपके अनुरोध को प्रोसेस करेगा. जैसे ही प्रोसेसिंग हो जाती है आपके खाते में पैसा आ जाएगा.



SBI में खुले सबसे ज्यादा खाता- सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का योगदान सबसे अधिक रहा. उसने 11.5 लाख अटल पेंशन खाते जोड़े. इसके बाद कैनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया का नंबर है.



क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक और आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक ने सबसे ज्यादा अटल पेंशन खाते खोले हैं.



भुगतान बैंक (Payment Bank) श्रेणी में, एयरटेल पेमेंट बैंक ने चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब 1.8 लाख पेंशन खाते खोले हैं. बयान में कहा गया है कि PFRDA ने मार्च 2020 तक 2.25 करोड़ लोगों को इस पेंशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है.



आइए जानें इस योजना से जुड़ी सभी बातों के बारे में...



(1) नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी (NSDL) की वेबसाइट के मुताबिक 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लोग इस योजना से जुड़ सकते हैं. हालांकि, इस योजना का लाभ वे लोग ही उठा सकते हैं, जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं.



(2) APY में पेंशन की रकम आपके द्वारा किए गए निवेश और आपकी उम्र पर निर्भर करती है. अटल पेंशन योजना (APY) के तहत कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकता है. 60 साल की उम्र से आपको APY के तहत पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा.







(3) कब मिलेगी पेंशन- अटल पेंशन योजना के तहत सिर्फ जीते जी ही नहीं, बल्कि मौत के बाद भी परिवार को मदद मिलती रहती है. अगर 60 साल से पहले ही योजना से जुड़े किसी व्‍यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो फिर उसकी पत्नी इस योजना में पैसे जमा करना जारी रख सकती है और 60 साल के बाद हर महीने पेंशन पा सकती है. दूसरा विकल्‍प यह है कि उस व्‍यक्ति की पत्नी अपने पति की मौत के बाद एकमुश्त रकम का दावा कर सकती है. अगर पत्नी की भी मौत हो जाती है तो एक एकमुश्त रकम उनके नॉमिनी को दे दी जाती है.
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