बड़ी खबर! ATM से 5 हजार रुपए से ज्यादा की निकासी पर चार्ज लगाने की सिफारिश, RTI से हुआ खुलासा

बड़ी खबर! ATM से 5 हजार रुपए से ज्यादा की निकासी पर चार्ज लगाने की सिफारिश, RTI से हुआ खुलासा
ATM से नकद निकासी में कमी लाने के लिए चार्ज लगाने की गई थी सिफारिश

एटीएम शुल्क (ATM Charges) पर बनी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक समिति ने 5,000 से ज्यादा के प्रत्येक निकासी पर ग्राहकों से चार्ज लेने की सिफारिश की थी. आरटीआई के जरिए मिली आरबीआई की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.

  • Share this:
मुंबई. एटीएम (ATM) से 5,000 रुपए से ज्यादा की निकासी पर चार्ज लगेगा. दरअसल, एटीएम शुल्क (ATM Charges) पर बनी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक समिति ने 5,000 से ज्यादा के प्रत्येक निकासी पर ग्राहकों से चार्ज लेने की सिफारिश की थी. आरटीआई के जरिए मिली आरबीआई की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.  आरबीआई की इस कमेटी के मुखिया इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के तत्कालीन चीफ एक्जीक्यूटिव वीजी कन्नन थे. कमेटी ने यह रिपोर्ट 22 अक्टूबर 2019 को आरबीआई को सौंप दी थी. लेकिन यह रिपोर्ट कभी जारी नहीं की गई. इस रिपोर्ट में एटीएम से नकद निकासी में कमी लाने के लिए 5,000 रुपए से ज्यादा की निकासी पर चार्ज लगाने की सिफारिश की गई थी. ATM से कैश की निकासी में कमी लाने के लिए चार्ज लगाने के लिए सिफारिश की गई थी.

लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, आरटीआई कार्यकर्ता श्रीकांत एल की याचिका को आरबीआई के पब्लिक इन्फोर्मेशन ऑफिसर (PIO) ने खारिज कर दिया था. इसके बाद श्रीकांत ने अपीलेट प्राधिकरण में याचिका दाखिल की. अपीलेट प्राधिकरण के आदेश पर आरबीआई ने कमेटी की यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई.

यह भी पढ़ें- भारत ने किया चीनी सामानों का बहिष्कार तो बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा China! लगेगा 1.29 लाख करोड़ का झटका



रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेटिंग एटीएम की लागत में इजाफा हुआ है, जबकि ग्राहक के एटीएम उपयोग शुल्क पर इंटरचेंज फीस और कैप की समीक्षा क्रमशः 2012 और 2008 के बाद से नहीं की गई है. समिति ने विशेष रूप से सेमी-अर्बन और ग्रामीण केंद्रों में नए एटीएम लगाने में कमी पर भी चिंता व्यक्त की थी. ATM चार्ज के कैलकुलेशन में जनसंख्या मैट्रिक का प्रयोग करने की सिफारिश की गई थी.
समिति ने की थी ये सिफारिशें
समिति ने फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर अधिकतम 24 रुपए प्लस टैक्स लिए जाने की सिफारिश की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 10 लाख या इससे ज्यादा की आबादी वाले स्थानों पर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए इंटरचेंज फीस को 2 रुपए से बढ़ाकर 17 रुपए और नॉन-फाइनेंशिय ट्रांजैक्शन के लिए इंटरचेंज फीस को 7 रुपए रखा जाए. वहीं, 10 लाख से कम आबादी वाले स्थानों पर फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों प्रकार के ट्रांजैक्शन के लिए इंटरचेंज फीस में 3 रुपए की बढ़ोतरी की जाए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज