FAStag से हर दिन 100 कराेड़ रुपये से भी ज्यादा का कलेक्शनः गडकरी

16 मार्च 2021 तक तीन कराेड़ से ज्यादा FAStag जारी किए गए हैं.

16 मार्च 2021 तक तीन कराेड़ से ज्यादा FAStag जारी किए गए हैं.

16 मार्च 2021 तक तीन कराेड़ से ज्यादा FAStag जारी किए गए हैं. वहीं, हर दिन इनसे हाेने वाला टाेल टैक्स कलेक्शन भी 100 कराेड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा 1 मार्च 2021 से 16 मार्च तक का है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 9:03 PM IST
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नई दिल्ली. फास्‍टैग (FAStag) के जरिए हर दिन हाेने वाले औसत टाेल कलेक्शन (Average Toll Collection) की राशि 100 कराेड़ रुपये तक पहुंच गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Road Transport and Highways Minister) नितिन गडकरी (Nitin gadkari) ने साेमवार काे इसकी जानकारी राज्यसभा काे दी. मालूम हाे केंद्र सरकार ने 15 फरवरी की रात से FAStag अनिवार्य कर दिया था. वहीं जाे इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे उनसे दाेगुना तक टाेल टैक्स वसूलने के निर्देश भी पूरे भारत में चल रहे इलेक्ट्रॉनिक टाेल प्लाजा काे दिए थे. 



16 मार्च 2021 तक तीन कराेड़ से ज्यादा FAStag जारी किए गए हैं. वहीं हर दिन इनसे हाेने वाला टाेल टैक्स कलेक्शन भी 100 कराेड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा 1 मार्च 2021 से 16 मार्च तक का है. गडकरी ने कहा कि सरकार ने FAStag काे सभी M और N कैटेगिरी के माेटर व्हीकल में 1 जनवरी 2021 से अनिवार्य कर दिया था, जिसके लिए सेंट्रल माेटर व्हीकल एक्ट 1989 में संसाेधन किया गया. 



क्या हाेते हैं M और N कैटिगिरी के वाहन



M कैटेगिरी से तात्पर्य उन वाहनाें से हाेता है जिसमें कम से कम चार पहिये हाे और जाे यात्रियाें काे ले जाने के लिए इस्तेमाल में हाे. वहीं N से मतलब भी उन वाहनाें से है जिनमें न्यूनतम चार पहिये हाे लेकिन इनका प्रयाेग सामान व माल ढाेने या व्यक्ति के साथ माल ढाेने के लिए हाे. 


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इसलिए किया गया अनिवार्य 


गडकरी ने कहा कि डिजिटल माेड(Digital mode) के माध्यम से शुल्क भुगतान काे बढ़ावा देने का उद्देश्य टाेल नाकाें पर लगने वाले जाम काे दूर करना, पारदर्शिता बढ़ना , और वाहनाें के देर तक अपनी बारी आने तक खड़े रहने से वहां हाेने वाले प्रदूषण काे कम करना है जिसके चलते सरकार ने सभी राष्ट्रीय राजमार्गाें पर टाेल प्लाजा पर FASTag से ही भुगतान अनिवार्य कर दिया है.





दाेगुना शुल्क वसूलने का है प्रावधान

वाहनाें FASTag का हाेना केंद्रीय माेटर वाहन अधिनियम 1989 के तहत अनिवार्य है. वहीं जिस वाहन में FASTag नहीं हाेगा उनसे दाे गुना शुल्क बताैर दंड वसूलने का प्रावधान भी किया है. उन्हाेंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गाें पर उपयाेगकर्ता शुल्क राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के अनुसार एकत्र किया जाता है. 



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अगले साल जीपीएस लाने की तैयारी

केद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Road Transport and Highways Minister) ने 18 मार्च काे  टोल प्लाजा (Toll Plaza) को लेकर बड़ा ऐलान किया थालोकसभा में नितिन गडकरी ने बताया था कि अगले एक साल में देश से सभी टोल प्लाजा खत्म कर दिया जाएगा. हालांकि इसका यह मतलब नहीं होगा कि टोल देना ही नहीं पड़ेगा. अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम (GPS system) लगाया जाएगा, जिसकी मदद से टोल शुल्क (Toll Fee) का भुगतान हो सकेगा.

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