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महंगी बिजली का जोरदार झटका लगने के आसार, 13 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची खरीद कीमत

Jharkhand Power Crisis: झारखंड में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच लोग बिजली की समस्या से भी परेशान हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Jharkhand Power Crisis: झारखंड में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच लोग बिजली की समस्या से भी परेशान हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज में बिजली की खरीद कीमत में तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है. मार्च 2022 में तो बिजली की औसत खरीद कीम ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. बढ़ती गर्मी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के साथ ही देश में बिजली की मांग बढ़ गई है. बिजली की मांग में बढ़ोतरी की वजह से इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज में कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है. मार्च 2022 में तो बिजली की औसत खरीद कीमत मार्च 2021 के मुकाबले दोगुनी हो गई.

महंगी बिजली खरीदने की वजह से बिजली वितरण कंपनियां इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं. यानी पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, पीएनजी, रसोई गैस सिलेंडर के महंगा होने के बाद अब बिजली भी महंगी होने के आसार बन रहे हैं. हालांकि, अभी तक किसी ने बिजली के दाम में बढ़ोतरी का संकेत नहीं दिया है.

गर्मी बढ़ी तो खपत में आई तेजी
मार्च में सामान्य से ज्यादा तापमान रहने और गर्मी का मौसम जल्द शुरू होने से बिजली की खपत में तेजी आई है. आगे इसमें और तेज बढ़त होगी, क्योंकि देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी का भीषण प्रकोप शुरू हो गया है, जिसके जून के पहले पखवाड़े तक जारी रहने का अनुमान है.

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13 साल के उच्च स्तर पर बिजली की कीमत
देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिसिटी एक्सचेंज इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में मार्च में बिजली की औसत खरीद कीमत 13 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई. इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2022 में बिजली की औसत खरीद कीमत अप्रैल 2009 के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. इस दौरान एक्सचेंज में बिजली की औसत खरीद कीमत 8.23 रुपये प्रति किलोवाट आवर (kWh) रही. यह मार्च 2021 की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है.

आपूर्ति से ज्यादा की बोली
बिजली की मांग का आलम यह है कि एक्सचेंज में आपूर्ति के लिए उपबल्ध बिजली से 35 फीसदी ज्यादा की बोली लगी. कीमतों में तेजी को देखते हुए देश के बिजली नियामक ने कीमतों पर 12 रुपये प्रति kWh का कैप लगा दिया है. यानी इससे ज्यादा की बोली एक्सचेंज में बिजली के लिए नहीं लगाई जा सकती. 1 अप्रैल को अपने आदेश में नियामक ने यह भी कहा है कि बिजली एक्सचेंजों में “असामान्य रूप से ऊंची कीमतें” उपभोक्ताओं के हितों को चोट पहुंचाती हैं और खरीदारों के विश्वास को कम करती हैं.

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मार्च महीने में सालाना आधार पर बिजली की खपत 4.6 फीसदी बढ़ी है. ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2022 में बिजली खपत 120.63 अरब यूनिट या बीयू हो गई जो मार्च 2021 में 98.95 बीयू थी.

Tags: Cost of electricity, Costly electricity, Electricity, Electricity Bills

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