विमान कंपनियों के लिए सबसे बुरा दौर! केवल 49 फीसदी लोग ही करेंगे फ्लाइट से ट्रैवल

विमान कंपनियों के लिए सबसे बुरा दौर! केवल 49 फीसदी लोग ही करेंगे फ्लाइट से ट्रैवल
भारतीय विमानन कंपनियों की आय पिछले साल के मुकाबले 11.61 अरब डॉलर कम रहेगी.

विमानन कंपनियों (Airlines) के अंतरराष्ट्रीय संगठन ITA का अनुमान है कि 2020 में देश में हवाई यात्रियों की संख्या में 49 फीसदी की गिरावट आएगी. आईटीए का कहना है कि विमानन क्षेत्र के इतिहास में यह सबसे खराब साल है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 13, 2020, 10:11 PM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 संकट (Corona Crisis) और उससे जुड़े लॉकडाउन ने भारतीय विमानन क्षेत्र (Indian Aviation Sector) की कमर तोड़ दी है. विमानन कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ITA का अनुमान है कि 2020 में देश में हवाई यात्रियों की संख्या में 49 फीसदी की गिरावट आएगी. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (ITA) ने सोमवार को कहा कि 2020 में भारतीय विमानन कंपनियों की आय पिछले साल के मुकाबले 11.61 अरब डॉलर कम रहेगी. रिपोर्ट में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हवाई यात्रा की मांग में 53.8 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है.

विमाान क्षेत्र के लिए इतिहास का सबसे खराब साल
आईएटीए के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (एशिया-प्रशांत) कॉनरैड क्लिफोर्ड ने कहा, ‘विमानन क्षेत्र के इतिहास में यह सबसे खराब साल है और विमानन कंपनियां किसी तरह अस्तित्व बचाने में लगी हैं. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विमानन कंपनियों को 29 अरब डॉलर का सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा. यह प्रति यात्री 30.09 डॉलर का नुकसान है.’

पिछले स्तर पर पहुंचने में लगेंगे कई साल
क्लिफोर्ड ने कहा, ‘2019 के स्तर पर वापस आने में विमानन उद्योग को कुछ साल लगेंगे. भारत ने 24 मार्च से हुए लॉकडाउन के बाद देश में लगभग दो महीने बाद 25 मई से घरेलू यात्री उड़ानों को दोबारा शुरू कर दिया. हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर देश में अब भी प्रतिबंध है.



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कोरोना महामारी के कारण दो महीने के अंतराल के बाद 25 मई को घरेलू यात्री उड़ानों को फिर से शुरू किया गया था. हालांकि, महामारी के पहले की उड़ानों में से केवल 33 फीसदी को ही शुरू में उड़ान भरने की अनुमति थी. बाद में 26 जून को इसे बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया गया था. अब प्रतिदिन लगभग 700 घरेलू यात्री उड़ानें भरी जा रही हैं और औसतन 50-60 फीसदी सीटें भर रही हैं.

कोरोना से रिकवरी लोग भी कर सकेंगे फ्लाइट से यात्रा
बता दें कि ​रविवार को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Civil Aviation Ministry) ने फ्लाइट से ट्रैवल करने के लिए यात्रियों द्वारा भरे जाने वाले सेल्फ-डिक्लेयरेशन फॉर्म (Self-Declaration Form) को अपडेट विमानन कंपनियों (Airlines) के अंतरराष्ट्रीय संगठन ITA का अनुमान है कि 2020 में देश में हवाई यात्रियों की संख्या में 49 फीसदी की गिरावट आएगी. आईटीए का कहना है कि विमानन क्षेत्र के इतिहास में यह सबसे खराब साल है.किया है. मिनिस्ट्री ने सभी एयरलाइंस को जानकारी दी है कि जो यात्री बीते 21 दिन में कोरोना पॉजिटिव नहीं पाये गए हैं, उन्हें ही ट्रैवल करने की अनुमति दी जाएगी. 21 दिन की यह समय सीमा यात्रा की तारीख से पहले की होगी.

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ध्यान देने वाली बात है कि 21 मई को एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया था कि पिछले 2 महीने में कोविड-19 पॉजिटिव नहीं पाये गये यात्रियों को ही ट्रैवल करने की अनुमति होगी. (भाषा इनपुट के साथ.)
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