दानवीर अजीम प्रेमजी की कंपनी Wipro बनीं तीसरी सबसे बड़ी IT फर्म, 21 साल की उम्र में कुकिंग ऑयल से शुरू किया था सफर

विप्रो के संस्थापक 75 साल के अजीम प्रेमजी आज भी उसी जोश और उत्साह के साथ काम करते हैं जिस तरह वो आज से 21 साल की उम्र में करते थे.

विप्रो के संस्थापक 75 साल के अजीम प्रेमजी आज भी उसी जोश और उत्साह के साथ काम करते हैं जिस तरह वो आज से 21 साल की उम्र में करते थे.

विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd) ने गुरुवार को पहली बार बाजार पूंजीकरण (Market capitalisation) में ₹3 ट्रिलियन के आंकड़ें को छुआ. इसी के साथ विप्रो उपलब्धि हासिल करने वाली तीसरी भारतीय आईटी फर्म (Indian IT company) बन गई.

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नई दिल्ली. विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd) ने गुरुवार को पहली बार बाजार पूंजीकरण (Market capitalisation) में ₹3 ट्रिलियन के आंकड़ें को छुआ. इसी के साथ विप्रो उपलब्धि हासिल करने वाली तीसरी भारतीय आईटी फर्म (Indian IT company) बन गई. गुरुवार को शेयर बाजार की शुरुआती कारोबार के दौरान विप्रो का शेयर ₹550 का रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया और इसका मार्केट कैप ₹3.01 ट्रिलियन रहा.

दानवीर हैं विप्रो के संस्थापक

विप्रो के संस्थापक व चेयरमैन अजीम प्रेमजी (Azim Premji) का नाम आज पूरी दुनिया में मशहूर है. प्रेमजी अपनी दूरदर्शी सोच और मेहनत से विप्रो को पूरी दुनिया में नई पहचान दिला दी. प्रेम जी का नाम सबसे रईस भारतीयों में शामिल है. लेकिन खास बात ये है कि प्रेम जी दान करने में भी सबसे आगे रहते हैं. हुरून इंडिया परोपकारी लिस्ट के अुनसार, कोरोना संकट में प्रेमजी ने प्रतिदिन के हिसाब से 22 करोड़ रुपये दान दिए हैं. आइए जानते हैं कैसे अजीम प्रेमजी के नेतृत्व में विप्रो सफलता की नई ऊचांईयों को छु रहा है. 75 साल के अजीम प्रेमजी अभी भी उसी जोश और उत्साह के साथ काम करते हैं जिस तरह वो आज से 52 साल पहले करते थे.

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पहले चलता था कुकिंग ऑयल का कारोबार

प्रेमजी का जन्म वर्ष 1945 में मुंबई में हुआ था. उनके पिताजी मोहम्मद हशेम प्रेमजी एक प्रतिष्ठित कारोबारी थे. उन्होंने वेस्टर्न इंडियन वेजीटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड की स्थापना की जिसमें वेजिटेबल शोर्टनिंग (डालडा घी) और रिफाइंड तेल का उत्पादन किया गया. डालडा घी (वेजिटेबल शोर्टनिंग) जो भारत में एक घरेलू नाम है, विप्रो का सबसे पुराना उत्पाद है.

प्रेमजी को बीच में ही छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई



मुंबई में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, अजीम प्रेमजी ने अमेरिका के स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का कोर्स किया है. इसके बाद अपने पिता के असामयिक निधन के बाद उन्हें 1966 में अपना पारिवारिक बिजनेस संभालना पड़ा. इनका पारिवारिक बिजनेस हाइड्रो जेनरेटेड कुकिंग फैट का था. उस समय अजीम प्रेमजी के पिता चावल के एक बड़े व्यापारी थे. इसके बाद मात्र 21 साल की उम्र में अजीम प्रेमजी विप्रो के चेयरमैन बन गए. विप्रो की स्थापना वेस्टर्न वेजिटेबेल प्रोडक्ट कंपनी के रूप में साल 1945 में हुई थी.

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कैसे तेल कंपनी से आईटी कंपनी बना विप्रो

बता दें कि विप्रो को पहले वेस्टर्न वेजिटेबल उत्पाद बनाने वाली कंपनी कहा जाता था लेकिन अजीम प्रेमजी ने बाद में इसे बदलकर बेकरी, टॉयलेट संबंधी उत्पाद, बालो संबंधी उत्पाद, बच्चो संबंधी उत्पाद बनाने वाली कंपनी में बदल डाला. विप्रो कंपनी ने IT की दुनिया में साल 1980 में पैर रखा. उस समय IBM कंपनी भारत छोड़कर जा रही थी. इसका विप्रो को बहुत फायदा मिला. कंपनी ने अमेरिका की कई कंपनियों के साथ बिजनेस डील किए और कंपनी ने सफलता की अनेक कहानी गढ़ी. इसके बाद कंपनी ने कई अन्य क्षेत्र में भी कदम रखा.

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