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नए सीईओ के आते ही हुआ चमत्कार, अजीम प्रेमजी की विप्रो बनी चौथी सबसे मूल्यवान आईटी कंपनी

बेंगलुरु. भारत के सबसे बड़े दानवीर अजीम प्रेमजी की (Ajim Premji) की विप्रो (Wipro) दुनिया की चौथे नंबर की आईटी कंपनी बन गई है. इसने मार्केट कैप में कॉग्निजेंट (Cognizant) को पीछे छोड़ दिया है.

मार्केट कैप में कॉग्निजेंट (Cognizant) को पछाड़ा, अब भी टीसीएस (TCS), इन्फोसिस (Infosys) हैं विप्रो (Wipro) से आगे.

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    बेंगलुरु. भारत के सबसे बड़े दानवीर अजीम प्रेमजी की (Ajim Premji) की विप्रो (Wipro) दुनिया की चौथे नंबर की आईटी कंपनी बन गई है. इसने मार्केट कैप में कॉग्निजेंट (Cognizant) को पीछे छोड़ दिया है.
    एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की सबसे मूल्यवान आईटी सर्विसेज कंपनी एसेंट्यूर (Accenture) है. इसके बाद TCS और इन्फोसिस का स्थान है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर विप्रो का एडीआर 2.4 फीसदी बढ़कर 7.4 डॉलर प्रति शेयर हो गया. इसकी वजह से कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 38.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया. वहीं, नास्डैक (Nasdaq) पर सुबह के ट्रेड में कॉग्निजेंट का ADR 1.2% बढ़कर 71.5 डॉलर हो गया और कंपनी का मार्केट कैप 37.7 अरब डॉलर रहा. हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 में कॉग्निजेंट का रेवेन्यु 16.5 अरब डॉलर रहा था, जो कि विप्रो के रेवेन्यु के दोगुने से भी ज्यादा था. विप्रो का रेवेन्यु 8.1 अरब डॉलर रहा था.
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    नए सीईओ के आने के बाद से विप्रो के शेयरों में 127 फीसदी का उछाल
    विप्रो में लगभग एक साल पहले नए सीईओ थेरी डेलापोर्ते (Thierry Delaporte) ने आमद दर्ज कराई थी. उनके कार्यकाल में विप्रो के प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. उन्होंने कंपनी की सर्विस लाइन्स को रिडिफाइन किया है और सीनियर मैनेजमेंट को कुछ हद तक ट्रिम किया है. उनके आने के बाद से विप्रो के शेयरों में 127 फीसदी का उछाल आया है.
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    सीईओ फ्रांसिस्को डिसूजा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से कॉग्निजेंट में स्लोडाउन
    अब कॉग्निजेंट की रफ्तार धीमी पड़ रही है. यह स्लोडाउन पुराने सीईओ फ्रांसिस्को डिसूजा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से शुरू हुआ है. यहां तक कि नए सीईओ ब्रायन हंफ्राइज के कार्यकाल में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर नहीं हुआ है. कॉग्निजेंट पिछले दो सालों में अधिग्रहणों पर लगभग 1.5 अरब डॉलर खर्च कर चुकी है. फिर भी, पिछले दो सालों में कंपनी के शेयर केवल लगभग 16 फीसदी चढ़े हैं.
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