बाबा रामदेव ने बदली रुचि सोया की किस्मत! 103 दिनों में 8818% चढ़े शेयर, जानिए क्या है एनालिस्ट्स की राय?

बाबा रामदेव ने बदली रुचि सोया की किस्मत! 103 दिनों में 8818% चढ़े शेयर, जानिए क्या है एनालिस्ट्स की राय?
रामदेव ने बदली रुचि सोया की किस्मत! 103 दिनों में 8818% चढ़े शेयर, जानिए वजह?

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि (Patanjali) ने पिछले हफ्ते पिछले साल दिवालिया हो चुकी रुचि सोया (Ruchi Soya) को खरीदा था. और इस साल इस कंपनी के शेयर ने कमाल कर दिया है. पिछले साल जहां रुचि सोया दिवालिया हो चुकी थी वहीं इस साल मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से यह स्टॉक एक्सचेंज की टॉप 60 कंपनियों में शामिल हो गई है.

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नई दिल्ली.  बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि (Patanjali) ने पिछले हफ्ते पिछले साल दिवालिया हो चुकी रुचि सोया (Ruchi Soya) को खरीदा था. और इस साल इस कंपनी के शेयर ने कमाल कर दिया है. पिछले साल जहां रुचि सोया दिवालिया हो चुकी थी वहीं इस साल मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से यह स्टॉक एक्सचेंज की टॉप 60 कंपनियों में शामिल हो गई है. आखिर ऐसी क्या वजह रही कि एक साल के भीतर कंपनी के शेयरों में इतनी जबरदस्त रैली आई है. एनालिस्ट को इस तेजी के पीछे कोई बुनियादी वजह नजर नहीं आ रही है. लिहाजा वो चाहते हैं कि मार्केट रेगुलेटर कंपनी की जांच करे.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, 27 जनवरी को रुचि सोया दोबारा शेयर बाजार में लिस्ट कराया गया था. जनवरी से लेकर अब तक रुचि सोया के शेयर 8818 फीसदी चढ़ चुका है. शुक्रवार को कंपनी के सेयर 1507 रुपए पर बंद हुआ. इसी के साथ कंपनी की मार्केट वैल्यू सिर्फ 103 कारोबारी सत्र में 500 करोड़ रुपए से बढ़कर 44,600 करोड़ रुपए पहुंच गया है. मार्च तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद सोमवार को रुचि सोया के शेयरों में 5 फीसदी की गिरावट आई. अब इसके शेयर 1431.95 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं.

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मार्केट कैप के लिहाज से देखें तो रुचि सोया अब ल्यूपिन, टॉरेंट फार्मा, टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट, HPCL, ग्रासिम, पंजाब नेशनल बैंक, हिंडाल्को, UPL, कोलगेट पामोलिव और हैवेल्स इंडिया से भी बड़ी कंपनी बन चुकी है.



क्या है एनालिस्ट्स की राय?
हालांकि रुचि सोया के शेयरों की इस तेजी से एनालिस्ट प्रभावित नहीं हैं. उनका मानना है कि सेबी को इस बात की जांच करनी चाहिए कि शेयरों में आई इस तेजी की वजह क्या है. बाजार के जानकारों का कहना है कि रेगुलेटर को कंपनी से यह पूछना चाहिए कि वह कब 25 फीसदी मिनिमम पब्लिक होल्डिंग की शर्त पूरी करेगी.

क्या है रैली की वजह?
मई में रुचि सोया के शेयर लगातार 6 कारोबारी सेशन में 5 फीसदी का लोअर सर्किट छुआ था. लिस्टिंग के बाद से ही कंपनी के शेयरों में अपर सर्किट लग रहा था. नवंबर 2019 में जब रुचि सोया के शेयरों को डीलिस्ट कराया गया था तब इसके शेयरों की कीमत 3.32 रुपए थी.

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इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, कोलकाता के इनवेस्टर अरुण मुखर्जी ने कहा कि कंपनी के शेयरों में तेजी की वजह इसके शेयरों का लो फ्री फ्लोट है. इसकी कोई बुनियादी वजह नहीं है. यह सीधे तौर पर डिमांड-सप्लाई डायनेमिक का असर है.

31 मार्च 2020 तक कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 99.03 फीसदी थी. मुखर्जी ने कहा, "कंपनी में रिटेल इनवेस्टर की हिस्सेदारी 1 फीसदी से भी कम है. मेरा मानना है कि सेबी को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए और इसे ट्रेड टू ट्रेड सेगमेंट में डाल देना चाहिए. रिटेल इनवेस्टर्स को ऐसे शेयरों में निवेश नहीं करने देना चाहिए." शेयर बाजार में कंपनी के 29.58 करोड़ शेयर हैं. इसमें से 98.87 फीसदी शेयर पतंजलि ग्रुप के पास है. बाकी के 33.4 लाख शेयर रिटेल निवेशकों के पास है.
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