डूबते कर्ज से कमाई करने के लिए बनाए गए बैड बैंक के सीईओ की हुई नियुक्ति, ऐसी है उनकी शख्सियत

प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड यानी बैड बैंक के लिए शुरू हुआ काम

प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड यानी बैड बैंक के लिए शुरू हुआ काम

बैड बैंक (Bad Bank) के नए सीईओ पद्मकुमार नायर अभी SBI के स्ट्रेस्ड ऐसेट्स के चीफ जनरल मैनेजर (CGM) का पदभार संभाल रहे हैं

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नई दिल्ली. बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को फंसे हुए या डूबत कर्ज से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (National Asset Reconstruction Company Limited- NARCL) यानी बैड बैंक (Bad Bank) के पहले सीईओ की नियुक्ति सरकार ने कर दी है. केंद्र सरकार ने पद्मकुमार मंगलम नायर (Padmakumar M Nair) को प्रस्तावित बैड बैंक का सीईओ नियुक्त किया है.

सूत्रों के मुताबिक, पद्मकुमार नायर अभी SBI के स्ट्रेस्ड ऐसेट्स के चीफ जनरल मैनेजर (CGM) का पदभार संभाल रहे हैं. पद्मकुमार पिछले कई वर्षं से इस पद पर काबिज हैं और उन्हें स्ट्रेस्ड ऐसेट्स के मैनेजमेंट का लंबा अनुभव है. एसबीआई के एक पूर्व अधिकारी जिन्होंने पद्मकुमार नायर के साथ काम किया है, उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि पद्मकुमार इस पद के लिए परफेक्ट च्वाइस हैं. गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पेश करते हुए एक ऐसेट मानेजमेंट कंपनी के रूप में बैड बैंक शुरू करने की घोषणा की थी, ताकि बैंकों को NPA से निजात मिल सके.

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बैड बैंक स्ट्रेस्ड ऐसेट्स को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगा

बैंकों के डूबे कर्ज यानी NPA को बैड बैंक एबजॉर्ब कर लेगी और उनका रेजोल्यूशन ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से करने की कोशिश करेगी. बैड बैंक स्ट्रेस्ड ऐसेट्स को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगी और निवेशक कर्ज लेने वालों से इसकी वसूली करेंगे. आपको बता दें भारतीय बैंकों का NPA इनके द्वारा बांटे गए कुल कर्ज का करीब 8% है. वहीं, कोरोना वायरस महामारी के कारण बैंकों का NPA और बढ़ने की आशंका है.

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लीड बैंक एनपीए की बिक्री का ऑफर पेश करेगा

बैड बैंक एनपीए की रिकवरी में काफी बेहतर रहेगा. इसका कारण यह है कि इससे विभिन्न बैंक जुड़े होंगे. अभी बैड लोन की समस्या को सुलझाने में काफी समस्याएं आती हैं. यह बैंकों की ओर से पहचान किए गए बैड लोन को बैड बैंक टेकओवर करेगा. लीड बैंक एनपीए की बिक्री का ऑफर पेश करेगा. वहीं, अन्य असेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनियों को एनपीए खरीदने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

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बैड बैंक लोन की वैल्यू का 15% कैश में देगा

बैड बैंक लोन की वैल्यू का 15% कैश में देगा. शेष 85% वैल्यू सरकार की ओर से गारंटिड सिक्योरिटी के रूप में दी जाएगी. यदि वैल्यू के मुकाबले में नुकसान होता है तो सरकारी गारंटी को भुनाया जा सकेगा. गौरतलब है कि NPA के आसान समाधान के लिए IBA ने पिछले साल बैड बैंक की स्थापना का प्रस्ताव दिया था. सरकार ने इस प्रस्ताव को मानते हुए एसेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) या असेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) की तर्ज पर बैड बैंक खोलने की बात कही.

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