झटका! इस सरकारी स्कीम में निवेश करना हुआ महंगा, अब देने होंगे ज्यादा पैसे

झटका! इस सरकारी स्कीम में निवेश करना हुआ महंगा, अब देने होंगे ज्यादा पैसे
महंगा हुआ NPS में निवेश करना, अब देना होगा ज्यादा पैसा

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों को बड़ा झटका लगा है. NPS में इस स्कीम को रेग्यूलेट करने वाली पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज लगाने का फैसला किया है.

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नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों को बड़ा झटका लगा है. NPS में इस स्कीम को रेग्यूलेट करने वाली पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज लगाने का फैसला किया है. NPS एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था. इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है. 2009 से आम जनता को इस स्कीम में निवेश करने की अनुमति दी गई थी. अब एनपीएस ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि खातों, फंड और असेट के रखरखाव के लिए लोगों से चार्ज वसूला जाएगा.

1 अगस्त से लगेगा चार्ज
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, NPS ट्रस्ट के जनरल मैनेजर अखिलेश कुमार ने सभी अंशधारकों को सूचित किया है कि रोजना आधार पर सालाना 0.005 फीसदी चार्ज लिया जाएगा. हालांकि इसके बावजूद भी यह इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) से काफी सस्ता होगा.

60 फीसदी अमाउंट निकासी की टैक्स फ्री



बजट में NPS को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. अब एनपीएस में निवेश करने पर पहले से ज्यादा फायदे मिलेंगे. एनपीएस से मैच्योरिटी के बाद अब 40 फीसदी की जगह 60 फीसदी अमाउंट निकाल सकते हैं.



कौन ले सकता है NPS का लाभ
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से 18 से 60 साल की उम्र के बीच का कोई भी वेतनभोगी जुड़ सकता है. पहले यह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए था, लेकिन 2009 से प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों के लिए स्कीम खोल दी गई.



कैसे खोलें अकाउंट
सरकार ने NPS में योजना के लिए सरकारी और निजी बैंकों को प्वॉइंट ऑफ प्रेजेंस बनाया है. आप किसी भी नजदीकी बैंक ब्रांच में जाकर अकाउंट खुलवा सकते हैं. इसके लिए आपको बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं की डिग्री, एड्रेस प्रूफ और आई कार्ड की जरूरत होती है. रजिस्ट्रेशन फॉर्म बैंक से मिल जाता है.

2 तरह के होते हैं अकाउंट
स्कीम के तहत 2 तरह के टियर-I और टियर-II अकाउंट होते हैं. टियर-I अकाउंट खुलवाना जरूरी है, जबकि टियर-II अकाउंट कोई भी टियर-I अकाउंट खुलवाने वाला शुरू कर सकता है. टियर-I अकाउंट से 60 साल की उम्र के पहले पूरा फंड नहीं निकाला जा सकता है. जबकि टियर-II अकाउंट में अपनी मर्जी से निवेश कर सकते हैं या फंड निकाल सकते हैं.

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