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भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बुरे संकेत! नौकरियों को लेकर फिर बज रही खतरे की घंटी, अप्रैल में बेरोजगारी दर बढ़ी

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बुरे संकेत! नौकरियों को लेकर फिर बज रही खतरे की घंटी, अप्रैल में बेरोजगारी दर बढ़ी

सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अप्रैल को खत्‍म हुए सप्‍ताह में बेरोजगारी दर बढ़ गई है.

सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अप्रैल को खत्‍म हुए सप्‍ताह में बेरोजगारी दर बढ़ गई है.

कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के बीच नौकरियों में छंटनी (Layoffs) का संकट फिर पैदा होना शुरू हो गया है. इसी के चलते 11 अप्रैल 2021 को खत्‍म हुए सप्‍ताह में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) बढ़कर 8.6 फीसदी पर पहुंच गई है. दो सप्‍ताह पहले तक ये आंकड़ा 6.7 फीसदी पर था.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच देश की अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) और आम लोगों पर मुसीबत का चौतरफा हमला हो रहा है. एक तरफ कोरोना वायरस से लोगों में फिर डर का माहौल बन गया है तो दूसरी तरफ खुदरा महंगाई (Retail Inflation) फिर बढ़नी शुरू हो गई है. इसके अलावा औद्योगिक उत्‍पादन (IIP) में भी गिरावट दर्ज की गई है. इन सबके बीच अब रोजगार को लेकर भी निराश करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अप्रैल 2021 को खत्‍म हुए सप्‍ताह के दौरान बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) बढ़कर 8.6 फीसदी पर पहुंच गई है, जो दो हफ्ते पहले 6.7 फीसदी पर थी.

    शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले ज्‍यादा
    कोविड-19 के मामले बढ़ने के साथ जहां लॉकडाउन की आशंका बढ़ गई है, वहीं छंटनी का खतरा भी बढ़ गया है. सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों में फिर निराशा बढ़ रही है. पिछले साल कोरोना संकट के चलते लगे लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ था. तब लाखों लोगों की नौकरियां चली गई थीं और करोड़ों लोगों का रोजगार ठप हो गया था. अब कोरोना वायरस की सेकेंड वेव के चलते नौकरियों पर फिर खतरा मंडरा रहा है. बढ़ी हुई बेरोजगारी दर के आधार पर कहा जा सकता है कि लोगों में डर होने का कारण भी है. अप्रैल में शहरी क्षेत्रों की बेरोजगारी दर 8 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि मार्च में यह दर 7.84 फीसदी थी. ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दर अब तक 6.7 फीसदी है.

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    घर लौट रहे प्रवासी मजदूर, कमर कस रहीं ई-कॉमर्स कंपनियां
    कोरोना संकट के चलते 2020 में ज्यादातर प्रवासी मजदूर अपने घर लौट गए थे. लॉकडाउन में ढील के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर आती दिखाई, लेकिन पिछले 2 महीने से कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. ऐसे में लोग जॉब छोड़कर लॉकडाउन लगने से पहले ही जल्‍द अपने घर पहुंच जाना चाहते हैं. इन सबके बीच अच्छी खबर यह है कि ई-कॉमर्स कंपनियां नई नौकरी देने की तैयारी कर रही हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिर ई-कॉमर्स कारोबार में उछाल की उम्मीद है. ऐसे में तमाम ई-कॉमर्स कंपनियां मुश्किल दौर में फिर लोगों को घर बैठे हर जरूरी सामान मुहैया कराने की तैयारी कर रही हैं.

    Tags: E-commerce industry, Job insecurity, Job loss, Migrant Workers, Unemployment in India, Unemployment Rate

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