यूजर्स को मिलेगा एक और पेमेंट ऑप्शन, Bajaj Finance को आरबीआई से मिली प्रीपेड पेमेंट बिजनेस की अनुमति

प्रतीकात्मक तस्वीर

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कंज्यूमर फाइनेंस की बड़ी कंपनियों में से एक बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) प्रीपेड पेमेंट बिजनेस यानी डिजिटल वॉलेट शुरू करने जा रही है.

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नई दिल्ली. देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) का विस्तार तेजी से हो रहा है. इस क्षेत्र में पहले से ही दिग्गज कंपनियां पेटीएम (Paytm), फोनपे (Phonepe), गूगल पे (Google Pay), अमेजन पे (Amazon Pay) आदि मौजूद हैं. अब कंज्यूमर फाइनेंस की बड़ी कंपनियों में से एक बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) प्रीपेड पेमेंट बिजनेस यानी डिजिटल वॉलेट शुरू करने जा रही है. आरबीआई (RBI) ने 4 मई को यह अनुमति दी.

बजाज फाइनेंस ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया, ''रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी को सेमी-क्लोज्ड प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (Semi-closed Prepaid Payment Instruments) के बिजनेस की अनुमति दे दी है.''

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चौथी तिमाही एकीकृत शुद्ध मुनाफा 42 % बढ़कर 1,347 करोड़ रुपये
बजाज फाइनेंस (बीएफएल) ने हाल ही में चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए थे. कंपनी ने बताया था कि मार्च 2021 को समाप्त वित्तवर्ष में उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा 42 फीसदी बढ़कर 1,347 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की जनवरी-मार्च अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 948 करोड़ रुपये रहा था. बीएफएल के एकीकृत आंकड़ों में उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों - बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (बीएचएफएल) और बजाज फाइनेंशल सिक्योरिटीज लिमिटेड (बी फिनसेक) के परिणाम शामिल हैं.

तिमाही के दौरान शुद्ध ब्याज आय भी एक फीसदी घटकर 4,659 करोड़ रुपये रह गई जो वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में 4,684 करोड़ रुपये थी. इस दौरान कंपनी की कुल आय पांच फीसदी गिरकर 6,855 करोड़ रुपये रही जो कि एक साल पहले इसी तिमाही में 7,231 करोड़ रुपये रही थी. पूरे साल की यदि बात की जाए तो 2020- 21 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 16 फीसदी गिरकर 4,420 करोड़ रुपये रह गया जो कि इससे पिछले वर्ष 2019- 20 में 5,264 करोड़ रुपये रहा था.

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