लाइव टीवी

ई-सिगरेट पर रोक से जुड़ा बिल लोकसभा में पास, नियम तोड़ने पर जेल के साथ जुर्माना

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 3:47 PM IST
ई-सिगरेट पर रोक से जुड़ा बिल लोकसभा में पास, नियम तोड़ने पर जेल के साथ जुर्माना
ई-सिगरेट (E-Cigarette ban in India) पर पाबंदी से जुड़ा बिल लोकसभा में पास

ई-सिगरेट (E-Cigrattee) पर बैन से जुड़ा बिल लोकसभा में पास हो गया है. इसमें ई-सिगरेट के उत्पादन, बेचने, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, बिक्री, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2019, 3:47 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. ई-सिगरेट (E-Cigarette ban in India) पर पाबंदी से जुड़ा बिल लोकसभा में पास हो गया है. इसमें ई-सिगरेट के उत्पादन, बेचने, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, बिक्री, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है. आपको बता दें कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) द्वारा Prohibition of E Cigerettes Ordinance 2019 को जांचा गया था. ग्रुफ ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने इसमें मामूली बदलाव का सुझाव दिया था.

ई-हुक्के पर भी लगी रोक- केंद्र सरकार ने लोगों को, खासकर युवाओं को ई-सिगरेट से होने वाले सेहत संबंधी खतरों का उल्लेख करते हुए इन उत्पादों पर रोक लगाने के लिए सितंबर महीने में अध्यादेश जारी किया था. सरकार ने इसके साथ ही ई-हुक्के को भी प्रतिबंधित किया है.

ये भी पढ़ें :-ये हैं भारत की 5 सबसे सस्ती मार्केट्स, यहां 20 रुपए में खरीदें शर्ट और टॉप्‍स

जुर्माने और सजा का प्रावधान- विधेयक में कहा गया है कि इस कानून का उल्लंघन करने पर, पहली बार अपराध के मामले में एक वर्ष तक कैद अथवा एक लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों और अगले अपराध के लिए तीन वर्ष तक कैद और पांच लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों लगाया जा सकता है.



इस विधेयक के अनुसार, ई सिगरेट का भंडारण भी दंडनीय होगा और इसके लिए छह महीने तक की सजा या 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है.

क्यों लगाया प्रतिबंध- ई सिगरेट पर प्रतिबंध को युवाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि दुनिया की कई तंबाकू कंपनियां भारत में ई सिगरेट उत्पाद पेश कर युवाओं को लक्षित करना चाहती थीं, ऐसे में एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते हमने इस पर प्रतिबंध लगाया है.
Loading...

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) प्रतिषेध विधेयक, 2019 पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि बड़ी तंबाकू कंपनियां अलग-अलग नाम से ई सिगरेट के कारोबार में हैं और इनमें से कई कंपनियां भारत में अपना उत्पाद पेश करना चाह रही थीं .

ये भी पढ़ें :-अपना पेट्रोल पंप खोलकर लाखों रुपये कमाना हुआ आसान, सरकार ने बदले नियम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा, 'यह सही है कि भारत में कुल आबादी के करीब 0.2 प्रतिशत लोगों द्वारा ही ई सिगरेट का इस्तेमाल करने की खबर है. लेकिन हाल ही में स्कूल के औचक निरीक्षण में बच्चों के बैग में 150 वाष्पीकरण उपकरण (वेपिंग डिवाइस) पाए गए .

ई सिगरेट को इसके आकर्षक डिजाइन, धुआंधार मार्केटिंग और विज्ञापन में ग्लैमर के जरिये बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन इसके हानिकारक प्रभाव से युवाओं को बचाना जरूरी है. मंत्री ने कहा कि अगस्त 2018 में एक जनहित याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंत्रालय से इस संबंध में एक नीति बनाने को कहा था .

ये भी पढ़ें :- आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में CBIC ने दीपक पंडित को किया सस्पेंड

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 27, 2019, 2:58 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...