कोरोना संकट ने बदली आदत! एटीएम से ज्‍यादा पैसे निकाल रहे लोग और कर रहे डिजिटल पेमेंट

कोरोना महामारी से बचवने के लिए लोग नकद लेनदेन से परहेज कर रहे हैं.

कोरोना महामारी से बचवने के लिए लोग नकद लेनदेन से परहेज कर रहे हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 7 मई 2021 को 29,39,997 करोड़ रुपये के करेंसी नोट (Currency Notes) चलन में थे, जो 26 मार्च को 28,58,640 करोड़ रुपये थे. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के मुश्किल दौर में लोग नकद (Cash) रखने को तरजीह दे रहे हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी ने नकदी (Cash) के इस्‍तेमाल को लेकर लोगों के व्यवहार में बदलाव किया है. अब लोग बैंक ब्रांच (Bank Branch) में जाने से बचने के लिए एटीएम से बड़ी रकम निकाल (ATM Transaction) रहे हैं. साथ ही छोटे से छोटा भुगतान भी डिजिटल माध्यम (Digital Payments) से कर रहे हैं. महामारी की दूसरी लहर से लोग पहले के मुकाबले अब ज्‍यादा सतर्क हुए हैं. इस बारे में सर्वत्र टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और प्रबंध निदेशक मंदर अगाशे ने कहा कि लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के नियमों को देखते हुए लोग बैंक जाने से बच रहे हैं. एटीएम से पैसे निकालने में करीब 20 फीसदी वृद्धि हुई है. दरअसल, लोग दवा और दूसरी चीजें खरीदने के लिए अपने पास नकद रखना चाह रहे हैं.

बैंक ग्राहकों में इस तरह बढ़ा है एकबार में पैसे निकालने का चलन

अगाशे के मुताबिक, पहले लोग औसतन एक बार में 2000 से 3000 रुपये निकालते (Withdrawal) थे. अब करीब 20 फीसदी ज्‍यादा यानी 3,000 से 4,000 रुपये एकबार में निकाल रहे हैं. यह प्रवृत्ति शहर और गांव दोनों जगह देखने को मिल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि छोटे लेनदेन के लिए यूपीआई (UPI) पसंदीदा माध्यम बना हुआ है. हालांकि, इसके जरिये लेनदेन (Transactions) औसतन 1,000 रुपये के स्तर पर बरकरार है. तत्काल भुगतान सेवा के जरिये भुगतान 9,000 रुपये तक चला गया है, जो पहले 7,000 रुपये तक था.

ये भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, रोज 6650 टन मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति कर रही हैं स्‍टील और पेट्रोलियम कंपनियां
7 मई 2021 को चलन में थे 29,39,997 करोड़ रुपये के करेंसी नोट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 7 मई 2021 को 29,39,997 करोड़ रुपये के करेंसी नोट (Currency Notes) चलन में थे, जो 26 मार्च को 28,58,640 करोड़ रुपये थे. केयर रेटिंग (Care Ratings) के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि इस अनिश्चित घड़ी में लोग नकद रखने को तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह एहतियाती उपायों के लिए हैं. मौजूदा माहौल में किसी को कभी भी चिकित्सा कारणों से अचानक नकदी की जरूरत पड़ सकती है. पे-नियरबाई के संस्थापक, प्रबंध निदेशक व सीईओ आनंद कुमार बजाज ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर चिंता से लोग पैसा निकाल रहे हैं और नकद अपने पास रख रहे हैं. वहीं, लोगों को ज्‍यादा कड़े लॉकडाउन की आशंका भी है.

ये भी पढ़ें- सरकारी बिजली कंपनियों ने 200 से ज्‍यादा जगहों पर बनाए कोविड सेंटर, जानें मिलेंगी क्‍या-क्‍या सुविधाएं



अस्‍पतालों को 2 लाख रुपये से ज्‍यादा नकद लेने की दी मंजूरी

खेतान एंड कंपनी के भागीदार अभिषेक ए. रस्तोगी के मुताबिक, लोग आपात जरूरतों के लिये नकदी (Cash) अपने पास रख रहे हैं. साथ ही वे संक्रमण के खतरे को देखते हुए पैसा जमा करने या निकालने के लिये बैंक जाने से भी बच रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा अस्पतालों को भी हाल में पैन (PAN) और आधार (Aadhaar) की प्रति के साथ 2 लाख रुपये से अधिक नकद लेने की मंजूरी दे दी गई है. इस कारण भी लोग अपने पास पैसा रखने को तरजीह दे रहे हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज