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Budget 2020: वित्त मंत्री की सबसे बड़ी घोषणा- बैंक डूबा तो अब 5 लाख तक की रकम रहेगी सुरक्षित

News18Hindi
Updated: February 1, 2020, 7:28 PM IST
Budget 2020: वित्त मंत्री की सबसे बड़ी घोषणा- बैंक डूबा तो अब 5 लाख तक की रकम रहेगी सुरक्षित
बजट 2020

अभी तक डिपॉजिट इंश्योरेंस 1 लाख रुपये था. वित्त मंत्री ने अपने बजट ऐलान में कहा कि इसकी सीमा को अब 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

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  • Last Updated: February 1, 2020, 7:28 PM IST
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नई दिल्ली. बजट 2020: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बैंकों में बढ़ते फ्रॉड की वजह इसे अकाउंटहोल्डर्स के पैसे डूबने से बचाने के लिए बड़ा ऐलान किया है. पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक मामला सामने के बाद जो सबसे बड़ी चिंता थी, वो ये कि यदि कोई बैंक डूब जाता है तो इसके अकाउंट होल्डर्स को भारी नुकसान हो सकता है. बैंक अकाउंट होल्डर्स के अकाउंट की सुरक्षा ​के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस 1 लाख रुपये था. वित्त मंत्री ने अपने बजट ऐलान में कहा कि इसकी सीमा को अब 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

अगर मेरा बैंक डिफॉल्ट करता है तो क्या होगा
DICGC यानी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की ओर से नए नियमों के मुताबिक, ग्राहकों के 5 लाख रुपये की सुरक्षा की गारंटी मिलेगी. यह नियम बैंक की सभी ब्रांचों पर लागू होगा. इसमें मूलधन और ब्‍याज (Principal and Interest) दोनों को शामिल किया जाता है. मतलब साफ है कि अगर दोनों जोड़कर 5 लाख से ज्यादा है तो सिर्फ 5 लाख की राशि ही सुरक्षित मानी जाएगी.

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DICGC एक्ट, 1961 की धारा 16 (1) के प्रावधानों के तहत, अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो DICGC प्रत्येक जमाकर्ता को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है. उसकी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा होगा. आपका एक ही बैंक की कई ब्रांच में खाता है तो सभी खातों में जमा अमाउंट पैसे और ब्‍याज जोड़ा जाएगा और केवल 5 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा. इसमें मूलधन और ब्‍याज (Principal and Interest) दोनों को शामिल किया जाता है. मतलब साफ है कि अगर दोनों जोड़कर 5 लाख से ज्यादा है तो सिर्फ 5 लाख ही सुरक्षित माना जाएगा.

PMC बैंक मामले के बाद ऐलान
अगर आसान भाषा में समझें तो किसी बैंक में आपकी कुल जमा राशि 8 लाख है तो बैंक के डिफॉल्ट करने पर आपके सिर्फ 5 लाख रुपये ही सुरक्षित माने जाएंगे. बाकी आपको मिलने की गारंटी नहीं होगी. गौरतलब है कि पीएमसी बैंक संकट सामने आने के बाद इस बात की मांग बढ़ गई थी कि अकाउंट होल्डर्स के डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा को बढ़ाया लाए.

कैसे मिलेगा फायदा
गारंटी राशि बढ़ाने पर सरकार को कई फायदे होंगे. एक तो बैंकों में लोग गारंटी राशि के बराबर पैसा जमा कराने को लेकर परेशान नहीं होंगे. इससे लोगों का विश्वास भी बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ेगा. इससे बैंकों के पास सेविंग बढ़ेगी और वे ज्यादा कर्ज दे सकेंगे.

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First published: February 1, 2020, 12:48 PM IST
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