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Bad Bank तय करेगा बैंकों की घाटे वाली संपत्तियों के प्रबंधन के लिए फीस, चेक करें डिटेल्‍स

Bad Bank तय करेगा बैंकों की घाटे वाली संपत्तियों के प्रबंधन के लिए फीस, चेक करें डिटेल्‍स

कर्जदाताओं की ओर से घाटे वाले लोन को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों को डिस्काउंट पर बेचा जाता है.

कर्जदाताओं की ओर से घाटे वाले लोन को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों को डिस्काउंट पर बेचा जाता है.

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को बैड बैंक (Bad Bank) बनाने की जिम्मेदारी मिली है. इसके लिए सरकारी बैंकों ने वित्तीय मदद (Financial Support) दी है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार बैंकों की घाटे वाली संपत्तियों (Loss Making Assets) का प्रबंधन करने के लिए बैड बैंक (Bad Bank) बना रही है. अब ये बैड बैंक कर्जदाताओं से अपनी सेवाओं के लिए ली जाने वाली फीस (Services Fees) तय करने पर विचार कर रहा है. यह फीस नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) को सरकार से मिलने वाली गारंटी की मात्रा के मुताबिक तय की जा सकती है. गारंटी की वैल्यू के आधार पर केंद्र सरकार को गारंटी फीस का भुगतान करना होगा.

    एआरसी को डिस्‍काउंट पर बेचा जाता है घाटे वाला लोन
    कर्जदाताओं की ओर से घाटे वाले लोन को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) को डिस्काउंट पर बेचा जाता है. इसके बदले में कैश या कैश और सिक्योरिटी रेसिट्स ली जाती हैं. ये रेसिट्स घाटे वाले लोन से एआरसी की रिकवरी करने पर भुनाई जा सकती हैं. इसके अलावा एआरसी हर साल एसेट की 1.5-2 फीसदी तक एसेट मैनेजमेंट फीस लेती हैं. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को बैड बैंक बनाने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए सरकार की गारंटी लगभग 31,000 करोड़ रुपये की हो सकती है.

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    NARCL को 8 PSBs से मिले 74 करोड़ रुपये
    एनएआरसीएल की ओर से बैड लोन 15 फीसदी कैश और बाकी 85 फीसदी की सिक्योरिटी रिसिट्स में खरीदे जाएंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रूल्स के तहत एनएआरसीएल ने 100 करोड़ रुपये की न्‍यूनतम पूंजी के क्राइटेरिया को पूरा कर लिया है. एनएआरसीएल को आठ सरकारी बैंकों से 74.6 करोड़ रुपये मिले हैं.

    Tags: Bad loan, Bank news, Banking reforms

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