बैंक आफ अमेरिका ने 2 दिन में दूसरी बार घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, वैश्विक मंदी का खतरा

बैंक आफ अमेरिका ने 2 दिन में दूसरी बार घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, वैश्विक मंदी का खतरा
बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अनुमान को 0.90 प्रतिशत घटा कर 3.1 प्रतिशत कर दिया है.

बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अनुमान को 0.90 प्रतिशत घटा कर 3.1 प्रतिशत कर दिया है.

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नई दिल्ली. बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने वैश्विक आर्थिक मंदी के गहराते खतरे के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 48 घंटे में दो बार घटाया है. बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अनुमान को 0.90 प्रतिशत घटा कर 3.1 प्रतिशत कर दिया है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा
इसी तरह उसने पूरे वित्त वर्ष के जीडीपी वृद्धि के अनुमान को पूरे एक प्रतिशत कम कर के 4.1 प्रतिशत पर रखा है. कारोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी की ओर बढ़ रही है. इसे देखते हुए इस वित्तीय सेवा कंपनी ने भारत की वृद्धि के अनुमान को दो दिन में दो बार घटाया है.

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बुधवार को बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने अप्रैल-जून 2020-21 की जून तिमाही की वृद्धि दर के अनुमान को 0.80 अंक घटा कर 4 प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष की वर्तमान मार्च में समाप्त हो रही तिमाही के अनुमान को 4.30 प्रतिशत से घटा कर 4 प्रतिशत कर दिया था.

घटेगी वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार
बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज ने बुधवार को अगले पूरे वित्त वर्ष के वृद्धि के अनुमान को भी 5.1 प्रतिशत रखा था. इसने बुधवार को अनुमान लगाया था कि कोरोना वायरस संकट के चलते वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2020 में गिर कर इस बार 2.2 प्रतिशत पर आ जाएगी. लेकिन अब इसे घटा कर मात्र 0.4 प्रतिशत कर दिया है.

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इसने इस वर्ष चीन की वृद्धि 1.5 प्रतिशत रहने और अमेरिका के जीडीपी में 0.8 प्रतिशत का संकुचन होने का अनुमान लगाया है.

बैंक आफ अमेरिका सिक्यूरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक अगले वित्त वर्ष में अपनी नीतिगत ब्याज (रेपो) में एक प्रतिशत की कमी कर सकता है. इस रपट में अनुमान है कि भारत में वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति गिर कर 2.5 प्रतिशत पर आ जाएगी.

इसमें अच्छे विदेशी मुद्रा भंडार की बदौलत भारतीय रुपये विनिमय दर के मजबूत रहने का अनुमान लगाया गया है.

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