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बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन लेना होगा महंगा, MCLR को 0.05 फीसदी बढ़ाया

ज्यादातर कंज्यूमर लोन एमसीएलआर के आधार पर होती है.

ज्यादातर कंज्यूमर लोन एमसीएलआर के आधार पर होती है.

बैंक के एक साल के एमसीएलआर में बढ़ोतरी से पर्सनल लोन, ऑटो लोन और होम लोन महंगे हो सकते हैं.

नई दिल्ली. पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने सोमवार को अपने ग्राहकों को जोरदार झटका दिया है. अब बैंक से लोन लेना महंगा हो जाएगा. दरअसल, बैंक ने सोमवार को कहा कि उसने 12 अप्रैल 2022 से मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर (MCLR) में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है.

ज्यादातर कंज्यूमर लोन एक साल के मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट के आधार पर होती है. ऐसे में एक साल के एमसीएलआर में बढ़ोतरी से पर्सनल लोन, ऑटो और होम लोन महंगे हो सकते हैं.

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इसके तहत एक साल की अवधि के लिए एमएलसीआर बढ़कर 7.35 फीसदी हो जाएगी. बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि उसने एमसीएलआर की समीक्षा को मंजूरी दे दी है, जो 12 अप्रैल 2022 से प्रभावी होगी.

इसी तरह एक रात की अवधि, एक महीने, तीन महीने और छह महीने के एमसीएलआर को 0.05 फीसदी बढ़ाकर क्रमश: 6.50 फीसदी, 6.95 फीसदी, 7.10 फीसदी और 7.20 फीसदी कर दिया गया है.

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क्या होता है MCLR?
गौरतलब है कि एमसीएलआर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विकसित की गई एक पद्धति है जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दर निर्धारित करते हैं. आरबीआई ने 1 अप्रैल 2016 से देश में एमसीएलआर की शुरुआत की थी. उससे पहले सभी बैंक बेस रेट के आधार पर ही ग्राहकों के लिए ब्याज दर तय करते थे. आधार दर की जगह पर अप्रैल 2016 से बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब बैंकों द्वारा एमसीएलआर में किसी भी बढ़ोतरी या कटौती का असर नए और मौजूदा लेनदारों पर भी पड़ता है.

Tags: Auto and personal loan, Bank Loan, Bank of baroda

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