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देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक ने ग्राहकों को दिया झटका, महंगी हुई होम-ऑटो लोन की EMI

News18Hindi
Updated: May 4, 2019, 5:18 PM IST
देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक ने ग्राहकों को दिया झटका, महंगी हुई होम-ऑटो लोन की EMI
BOB ने शनिवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है.

BOB ने शनिवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है.

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देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने ग्राहकों को झटका दिया है. BOB ने शनिवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी 7 मई 2019 यानी मंगलवार से लागू होगी. इस बढ़ोतरी के बाद एक साल से अधिक अवधि के लोन के लिए ब्याज दर 8.25 फीसदी से बढ़कर 8.30 फीसदी हो गई. इसी प्रकार एक माह से तीन माह की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35 फीसदी से बढ़कर 8.45 फीसदी हो गई. वहीं, 6 महीने की अवधि के लिए नई ब्याज दर 8.65 फीसदी और एक साल की अवधि के लिए नई ब्याज दर 8.70 फीसदी होगी.

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क्या होता है MCLR
MCLR को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं. इसमें बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं. ये बैंचमार्क दर होती है. इसके बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं.



MCLR बढ़ने का नुकसान
एमसीएलआर में बढ़ोतरी से आम आदमी को नुकसान होता है. उसका मौजूदा लोन महंगा हो जाता है और उसे पहले की तुलना में ज्यादा ईएमआई देनी पड़ती है.ये भी पढ़ें: घर खरीदारों के लिए खुशखबरी! कार पार्किंग, स्विमिंग पूल जैसी सेवाओं पर GST की दर घटी

क्या होता है रेपो रेट
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है. दरअसल, जब भी बैंकों के पास फंड की कमी होती है, तो वे इसकी भरपाई करने के लिए केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई से पैसे लेते हैं. आरबीआई की तरफ से दिया जाने वाला यह लोन एक फिक्स्ड रेट पर मिलता है. यही रेट रेपो रेट कहलाता है. इसे भारतीय रिजर्व बैंक हर तिमाही के आधार पर तय करता है.

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First published: May 4, 2019, 3:42 PM IST
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