Q4 Results: बैंक ऑफ बड़ौदा ने जारी किए चौथी तिमाही के नतीजे, 1047 करोड़ रुपये रहा शुद्ध घाटा

बैंक ऑफ बड़ौदा

बैंक ऑफ बड़ौदा

वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे.

  • Share this:

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने शनिवार को चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए. वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में बैंक के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे.  बैंक को वित्तीय वर्ष 2020-21 की आखिरी तिमाही में एकल आधार पर 1,046.50 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ.

बैंक को एक साल पहले इसी तिमाही में 506.59 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. हालांकि पूरे वित्तीय वर्ष 2020-21 में बैंक का शुद्ध लाभ इससे पिछले वित्तीय वर्ष के 546.18 करोड़ रुपये से 52 प्रतिशत बढ़कर 828.95 करोड़ रुपये हो गया.

बैंक ने एक नियामकीय सूचना में कहा, ''बैंक ने एक नए टैक्स ढांचे को चुना और इसके तहत डीटीए (विलंबित कर संपत्ति) वापस किए जाने पर उसने 1,047 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया. टैक्स ढांचे में बदलाव के असर को अलग कर देने से बैंक को वित्तीय वर्ष 2020-21 की आखिरी तिमाही में 2,267 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और पूरे वित्तीय वर्ष 2020-21 में 4,143 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होता.''

जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में बैंक की एकल आय पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही के करीब करीब बराबर रही. बैंक चौथी तिमाही में 21,532.91 करोड़ रुपये दर्ज की. पूरे वित्तीय वर्ष में इसकी आय 2019-20 के 86,300.98 करोड़ से घटकर 82,859.50 करोड़ रुपये रही.
1 जून से बदलेगा चेक पेमेंट का तरीका

बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहकों के लिए 1 जून 2021 से पॉजिटिव पे कन्फर्मेशन अनिवार्य किया जाएगा. इससे ग्राहक बैंक धोखाधड़ी का शिकार नहीं होंगे. बता दें कि पॉजिटिव पे सिस्टम एक प्रकार से फ्रॉड को पकड़ने वाला टूल है. इस सिस्टम के तहत कोई भी जब चेक जारी करेगा तो उसे अपने बैंक को पूरी डिटेल देनी होगी.चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों को बैंक क्रॉस-चेक करेगा. अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो बैंक उस चेक को रिजेक्ट कर देंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज