अब इस सरकारी बैंक में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया, हरकत में CBI

अब इस सरकारी बैंक में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया, हरकत में CBI
जांच में कई अहम दस्तावेज मिले हैं. (Demo Pic)

CBI ने मोहित कंबोज उर्फ मोहित भारतीय के खिलाफ FIR दर्ज की है. CBI ने यह केस बैंक से करीब 67 करोड 22 लाख रुपये का फर्जीवाड़े के संबंध में दर्ज किया है. FIR दर्ज करने के साथ ही CBI ने इस मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है.

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मुंबई. बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) की एक ब्रांच से फर्जीवाड़ा करने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI की टीम मुंबई के पांच स्थानों पर छापेमारी भी कर रही है. दरअसल CBI को बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मेसर्स अवयान ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और उस कंपनी के MD मोहित कंबोज (Mohit Kamobj) के खिलाफ फर्जीवाडे से जुडे मामले में शिकायत मिली थी, उसके बाद उस प्राइवेट कंपनी और कंपनी से जुडे निदेशकों, मालिक और अन्य आरोपी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

67 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला
ये मामला बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच से करीब 67 करोड़ 22 लाख रुपये के फर्जीवाडे से जुड़ा हुआ है. हालांकि इस मामले में CBI टीम को ये भी जानकारी मिली थी की इस मामले में बैंक के भी कई कर्मचारी शामिल हैं, लिहाजा इसकी गंभीरता को देखते हुए कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

इन मामलों की जांच कर रही CBI
बैंक के साथ हुआ ये फर्जीवाड़ा साल 2013 से 2018 के बीच का है. आरोपी कंपनी मेसर्स अवयान ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मुंबई में स्थित है. CBI द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक फॉरेन बिल नेगोसिएशन लिमिट, एफबी से संबंधित खरीद-ब्रिकी, एक्सपोर्ट पैकेजिंग क्रेडिट लिमिट सहित कई मसलों पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया. इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने में कई बैंककर्मियों और उसके अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जिसे सीबीआई खंगालने में जुटी हुई है.



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इस बैंक फर्जीवाड़ा मामले में कौन-कौन है आरोपी?
इस बैंक फर्जीवाड़ा मामले में CBI द्वारा दर्ज FIR में कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है , जिसमें सबसे प्रमुख नाम इस प्रकार से हैं —

1. मोहित कंबोज: CBI की दर्ज FIR में मोहित कंबोज का नाम है, लेकिन मोहित कंबोज का संबंध एक राजनीतिक पार्टी से साथ भी जुडा हुआ है, वो युवा नेता है और पार्टी में जनरल सेक्रेटरी भी हैं. मुंबई के बेहद पॉश इलाके पाली हिल इलाके में रहते हैं. सीबीआई के मुताबिक, बैंक के साथ फर्जीवाड़ा करने में मोहित कंबोज और उसकी कंपनी मेसर्स अवयान ओवरसीज प्राइवेट कंपनी के एमडी भी हैं. इसलिए उनके खिलाफ ये मामला दर्ज किया गया है.

2. जितेंद्र कपूर: CBI ने जितेंद्र मदनजी कपूर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. ये आरोपी कंपनी में निदेशक के पद पर कार्यरत थे. ये मूल रूप से यूपी में स्थित वाराणसी में गरवासी टोला के रहने वाले हैं. इनके खिलाफ भी CBI कार्रवाई करते हुए बुधवार 17 जून को कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है.

3. नरेश मदनजी कपूर: मेसर्स अवयान ओवरसीज प्राइवेट कंपनी में नरेश मदनजी कपूर भी आरोपी हैं. ये कंपनी में निदेशक के पद पर कार्यरत थे. मुंबई में माहिम इलाके में स्थित एलजे रोड में नरेश मदनजी का आवास है.

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4. मेसर्स केबीजे होटल गोवा प्राइवेट लिमिटेड: CBI द्वारा दर्ज FIR में मेसर्स KBJ होटल गोवा प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का भी जिक्र है. इस कंपनी से जुड़े मामले की अगर जांच करें तो ये पता चलता है की इस कंपनी को फर्जीवाड़े को अंजाम देने में इस्तेमाल किया है. इसी कंपनी का नाम बदलकर आवयान ओवरसीज प्राइवेट कंपनी रखा गया. हालांकि, अब इस कंपनी का नाम अंजुमा प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड रखा गया, यानी एक ही कंपनी का नाम भी कई बार बदला गया, अब सीबीआई इस मामले से जुडे तमाम जानकारियों को और सबूतों को इकठ्ठा करने में जुटी हुई है.

5. इरतेश मिश्रा: आरोपी कंपनी में ये निदेशक हैं. इसी चलते सीबीआई ने मामला दर्ज करके इरतेश मिश्रा से संबंधित मामले की तफ्तीश शुरू हो चुकी है. इरतेश मिश्रा भी मुंबई में माहिम इलाके के रहने वाले हैं.

6. सिद्धांत बोग्ला: सिद्धांत बोग्ला के खिलाफ भी सीबीआई ने तफ्तीश शुरू कर दी है. ये मुंबई के माहिम इलाके में रहते हैं. इन्होंने भी उस फर्जीवाड़े को अंजाम देने में काफी बड़ी भूमिका निभायी थी.

छापेमारी में मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज
CBI मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी के मुताबिक इस मामले में बैंक से काफी मात्रा में आरोपियों के खिलाफ सबूत और दस्तावेज सीबीआई की टीम को सौंपे जा चुके हैं. अब उन दस्तावेजों को खंगालने में टीम जुटी हुई है. इसके साथ ही कई स्थानों पर हुई छापेमारी के दौरान सीबीआई को आरोपियों के आवास और दफ्तरों से काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत बरामद किये जा चुके हैं. सीबीआई की टीम अब जल्द ही आरोपियोंं से पूछताछ करेगी.

(रिपोर्ट - शंकर आनंद)

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