इन दो बैंकों ने ग्राहकों को दिया तोहफा, सस्ता किया लोन, अब हर महीने बचेंगे इतने पैसे

इन दो बैंकों ने ग्राहकों को दिया तोहफा, सस्ता किया लोन, अब हर महीने बचेंगे इतने पैसे
इन दो बैंकों से अब Home Loan, Auto Loan लेना होगा सस्ता

बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने MCLR घटा दिया है जिसके बाद इन बैंकों के लोन की ब्याज दरें घटी गई हैं. इन दोनों बैंकों से अब Home Loan, Auto Loan लेना सस्ता होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 8:58 AM IST
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मुंबई. सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों, बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने कर्ज के लिए धन की सीमांत लागत यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट आधारित अपनी मानक दरें (MCLR) 0.10 फीसदी तक कम कर दी हैं. इसके बाद इनके ग्राहकों को पहले से कम लागत पर लोन मिल सकेंगे जो मौजूदा समय में लोगों के लिए काफी जरूरी है. इस कटौती के बाद इन बैंकों से होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन लेना सस्ता हो गया है. साथ ही लोन की ईएमआई भी कम हो जाएगी.

बता दें कि रिजर्व बैंक (RBI) के लगातार रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती की वजह से बैंकों पर दबाव है कि वो अपने कर्ज की दरें घटाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस समय लोन लेने के लिए आगे आएं और अर्थव्यवस्था में पैसे का रोटेशन चलता रहे.

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लोन की नई दरें
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की विज्ञप्ति के अनुसार उसने एक साल और छह माह के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 7.40 प्रतिशत से घटाकर 7.30 प्रतिशत और 7.30 प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत कर दी हैं. बैंक की नई दरें सोमवार से लागू हैं. बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक दिन के, एक माह और तीन माह के कर्ज के लिए एमसीएलआर (MCLR) संशोधित कर क्रमश: 6.80 प्रतिशत, 7 प्रतिशत और 7.20 प्रतिशत किया है.
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इंडियन ओवरसीज बैंक की नई दरें
इंडियन ओवरसीज बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि उसने सभी अवधि के कर्जों के लिए एमसीएलआर 0.10 प्रतिशत तक कम की है. बैंक की एक साल के कर्ज की एमसीएलआर 7.55 प्रतिशत (पहले 7.65), तीन माह और छह माह की एमसीएलआर घटा कर क्रमश: 7.45 प्रतिशत और 7.55 की गयी है. बैंक की नई दरें दस सितंबर से प्रभावी हो जाएगी.

कोरोना वायरस महामारी और देश में पिछले कुछ महीनों में लागू लॉकडाउन के चलते कामकाज पर बुरा असर पड़ा है और लोग लोन भी कम ले रहे हैं. ऐसे में रिजर्व बैंक का ये प्रयास है कि अधिक लोग लोन लें और इसके लिए बैंकों को भी लगातार दरें घटाने के लिए कहा जा रहा है.
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