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Bank privatisation: इस बैंक में सरकार 26% हिस्सेदारी बेचेगी, बैंक का मैनेजमेंट प्राइवेट हाथों में चला जाएगा

Bank privatisation: इस बैंक में सरकार 26% हिस्सेदारी बेचेगी, बैंक का मैनेजमेंट प्राइवेट हाथों में चला जाएगा

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) privatisation

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) privatisation

मुंबई . केंद्र सरकार ने IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर सलाह देने के लिए सरकार ने ट्रांजैक्शन और लीगल एडवायर नियुक्त करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स (RFP) जारी किया है.

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    मुंबई . केंद्र सरकार ने IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर सलाह देने के लिए सरकार ने ट्रांजैक्शन और लीगल एडवायर नियुक्त करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स (RFP) जारी किया है. इच्छुक फर्म या कंपनी 13 जुलाई तक इसके लिए आवेदन कर सकती हैं.

    इस मामले से जुड़े सूत्रों ने Moneycontrol को बताया कि केंद्र सरकार IDBI Bank में कम से कम अपनी 26% हिस्सेदारी बेचने की योजना में है. सरकार अगर 26% हिस्सेदारी बेच देती है तो इस बैंक के मैनेजमेंट का कंट्रोल प्राइवेट हाथों में चला जाएगा. अधिकारी ने बताया कि IDBI Bank में सरकार की कुल हिस्सेदारी 45.5% है.

    इस बार की RPF पहले से अलग

    हालांकि, इस बार का RPF पहले से काफी अलग है, क्योंकि इसमें यह अंकित नहीं किया गया है कि सरकार IDBI Bank में कितनी हिस्सेदारी बेचेगी. इससे पहले के RFPs चाहे वो सलाहकार नियुक्त करने के लिए हों या बिड्स हासिल करने के लिए, उसमें यह साफ-साफ अंकित होता था कि सरकार या कंपनी अपनी कितनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है.

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    लेकिन IDBI बैंक के मामले में सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह कितनी हिस्सेदारी बेचेगी. अधिकारी ने Moneycontrol को बताया कि सरकार कितनी हिस्सेदारी बेचेगी इसका फैसला RBI, LIC और जिस कंपनी या फर्म को ट्रांजैक्शन एडवायजर नियुक्त किया जाएगा, उससे सलाह-मशविरा करने के बाद लिया जाएगा.

     आईडीबीआई की दूसरी मेजर शेयरहोल्डर LIC है
    अधिकारी ने बताया कि पिछले RFPs में सरकारी नॉन-फाइनेंशियल कंपनियों की हिस्सेदारी बेची गई थी, लेकिन IDBI Bank के मामले में RBI के अलावा आईडीबीआई की दूसरी मेजर शेयरहोल्डर LIC शामिल है. अधिकारी ने बताया कि अभी कितना हिस्सेदारी बेची जानी है, इसको लेकर केवल प्रारंभिक बातचीत हुई है. इस मुद्दे पर ट्रांजैक्शन एडवायर नियुक्त होने के बाद फैसला लिया जाएगा.

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    अधिकारी ने बताया कि सरकार कम से कम 26% स्टेक बेचने की योजना में है ताकि बैंक के मैनेजमेंट का कंट्रोल प्राइवेट हाथों में चला जाए. सरकार FY22 के लिए विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए IDBI Bank में अपनी पूरी हिस्सेदारी भी बेच सकती है. आपको बता दें कि IDBI Bank में सरकार की 45.5% हिस्सेदारी, LIC की हिस्सेदारी 49.24% और नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डिंग 5.29% है.

    Tags: Bank Privatisation, Disinvestment, IDBI Bank, LIC DIGITAL, Life Insurance Corporation of India (LIC)

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