एक रुपये के लोन डिफाल्ट के आरोप में बैंक ने नहीं वापस किया ग्राहक का 138 ग्राम सोना

प्रतीकात्मक फोटो
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कोर्ट ने सरकारी वकील को दो सप्ताह के भीतर इस मामले में अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करने को कहा.

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  • Last Updated: July 2, 2018, 5:15 PM IST
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लोन के रिपेमेंट में 1 रुपये कम लौटाने के आरोप में चेन्नई के एक को-ऑपरेटिव बैंक ने गारंटी के रूप में ग्राहक द्वारा लगाए गए 138 ग्राम सोने को कथित रूप से लौटाने से मना कर दिया. इसकी वजह से ग्राहक ने न्याय पाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया.

कांचीपुरम सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के पल्लावरम ब्रांच के सदस्य सी कुमार ने एक याचिका में कहा, "मैं 5 सालों से अपने गहने पाने के लिए यहां से वहां दौड़ रहा हूं जिनकी कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये है. अब जा के कोर्ट ने बैंक इन्हें वापस लौटाने का निर्देश बैंक को दिया है."

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केस की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को जस्टिस टी राजा ने याचिकाकर्ता के बयान को दर्ज करवाया और सरकारी वकील को दो सप्ताह के भीतर इस मामले में अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करने को कहा. याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा था कि 6 अप्रैल 2010 को उन्होंने 1.23 लाख का लोन लिया था जिसके लिए उन्होंने 131 ग्राम सोना गारंटी के रूप में दिया था. इसके बाद उन्होंने दो और भी लोन लिया जिसकी कुल रकम 1.65 लाख रुपये थी. इसके लिए उन्होंने 138 ग्राम सोना गारंटी के रूप में दिया.
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28 मार्च 2011 को उन्होंने पहला लोन ब्याज सहित चुका दिया और 131 ग्राम सोना वापस ले लिया. उसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने बाकी के दोनों लोन भी चुका दिए लेकिन बैंक ने बाकी के बचे हुए सोने को वापस करने से यह कहकर मना कर दिया कि दोनों लोन में 1-1 रुपये वापस करना बाकी है.

याचिकाकर्ता के वकील एम सत्यन ने कहा कि बार-बार निवेदन करने पर भी बैंक न ही गहने वापस करने को तैयार हुआ और न ही बैंक ने 1 रुपये का पेमेंट लेना स्वीकार किया.

 

 
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