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इन सुविधाओं के लिए आपका बैंक वसूलता है चार्ज, जानें किस सुविधा के लिए कितना देना होता है

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 5:45 AM IST
इन सुविधाओं के लिए आपका बैंक वसूलता है चार्ज, जानें किस सुविधा के लिए कितना देना होता है
बैंकिंग सर्विस चार्जेज

RTGS और NEFT के जरिए फंड ट्रांसफर करने पर 1 जनवरी 2020 से कोई चार्ज नहीं देना है. लेकिन, इसके अलावा भी बैंक अपनी सर्विसेज के लिए कई तरह के चार्जेज वसूलता है.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 5:45 AM IST
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नई दिल्ली. हाल ही में RBI के आदेश के बाद NEFT और RTGS के जरिए फंड ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्जेज को पूरी तरह से हटा दिया गया है. ये नियम 1 जनवरी 2020 से प्रभावी भी हो गया है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि आपके लिए सभी बैंकिंग चार्जेज हटा लिया गया है. ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप अपने बैंकिंग चार्जेज के बारे में जानकारी रखें. आज हम आपको भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अकाउंट को चार्जेज के बारे में बताने जा रहे हैं.

भले ही RTGS और NEFT चार्जेज को नि:शुल्क कर दिया गया है, लेकिन इसके अलावा भी कई तरह के चार्जेज हैं जिसे बैंक आपसे वसूलता है. बैंक की तरफ से ये चार्जेज आपको दी जाने वाली सुविधाओं के लिए वसूला जाता है. इसमें चेकबुक, बैंक ट्रांजैक्शन अलर्ट, डेबिट व क्रेडिट कार्ड चार्ज, ATM विड्रॉल आदि सुविधाओं के लिए आपको चार्जेज देने पड़ते हैं.

1. IMPS फंड ट्रांसफर: SBI कस्टमर्स के लिए IMPS के जरिए फंड ट्रांसफर करना नि:शुल्क नहीं होता है. 2 लाख रुपये से अधिक फंड IMPS के जरिए ट्रांसफर करने के लिए आपको चार्ज देना पड़ सकता है. ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि किसी अनिवार्य स्थिति में ही आप IMPS के जरिए फंड ट्रांसफर करें.

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2. मिनिमम बैलेंस: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को इस बात की मंजूरी दे दिया है कि खाते में एक तय सीमा से कम रकम रहने पर पेनाल्टी वसूलें. एसबीआई ने सभी सेविंग अकाउंट्स को तीन भाग में बांटा है. ये मेट्रो एंड अर्बन, सेमी-अर्बन और रूरल क्षेत्रों के बैंक सेविंग अकाउंट हैं. मेट्रो एडं अर्बन क्षेत्रों में एसबीआई बैंक अकाउंट में कम से कम 3 हजार रुपये रखना अनिवार्य है. वहीं, सेमी-अर्बन और रूरल सेंटर में क्रमश: 2,000 और 1,000 रुपये रखना अनिवार्य है. अगर आपका एसीबीआई सेविंग अकाउंट मेट्रो या अर्बन क्षेत्र में है तो इसमें 3 हजार रुपये से कम रकम रहने पर आपको 15 रुपये प्लस GST देना पड़ेगा. सेमी-अर्बन ब्रांचेज और रूरल क्षेत्रों के बैंक अकाउंट में यह चार्ज क्रमश: 12 रुपये प्लस जीएसटी और 10 रुपये प्लस जीएसटी है.

3. ATM विड्रॉल: RBI के गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी अन्य बैंक के एटीएम से आप महीने में अधिकतम 5 पर है कैश विड्रॉल कर सकते हैं. अगर आप एक महीने में 5 बार से अधिक विड्रॉल करते हैं तो आपको बैंक सर्विस चार्ज देना होगा. ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि महीने में अधिकतम 5 बार ही किसी अन्य बैंक के एटीएम से कैश निकालें. साथ ही, आपको ये बात भी जाननी चाहिए कि ​अगर आप बैंक से दोबारा डेबिट या क्रेडिट कार्ड जारी कराते हैं तो इसके लिए आपको चार्ज देना होगा.यह भी पढ़ें: अपने सेविंग अकाउंट पर पाएं FD जितना ब्याज, जानिए खाते से जुड़ी कई काम की बातें



 

4. ट्रांजैक्शन अलर्ट: बैंक द्वारा हर किसी के खाते से ट्रांजैक्शन की जानकारियां देने के मतलब होता है कि ग्राहक को पता चल सके कि उनके खाते से क्या लेनदेन चल रहा है. लेकिन, इसके लिए SBI ग्राहकों से हर तिमाही के लिए 12 प्लस जीएसटी चार्ज करता है. एसबीआई EMI व बिल पेमेंट आदि का अलर्ट भेजता है.

5. डोरस्टेप बैंकिंग: SBI अपने ग्राहकों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है. इसके लिए ग्राहकों से एक तय रकम वसूला जाता है. गैर-वित्तीय डोरस्टेप सेवा के लिए एसबीआई ग्राहकों से 60 रुपये प्लस जीएसटी चार्ज करता है. वहीं, वित्तीय डोरस्टेप बैंकिंग सेवा के लिए यह बैंक अपने ग्राहकों से 100 रुपये प्लस जीएसटी चार्ज करता है.

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First published: January 27, 2020, 5:45 AM IST
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