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कॉरपोरेट टैक्स में कमी से इन दो सेक्टर्स को होगा फायदा, दवा-आईटी कंपनियां रहेंगी बेअसर

कॉरपोरेट टैक्स में कमी से इन दो सेक्टर्स को होगा फायदा

कॉरपोरेट टैक्स में कमी से इन दो सेक्टर्स को होगा फायदा

आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के मुताबिक आईटी (IT) और दवा (Pharma) कंपनियों को कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से कोई ठोस फायदा नहीं होगा क्योंकि इनके लिये कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) की प्रभावी दरें पहले से ही कम हैं.

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    नई दिल्ली. आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च (ICICI Direct Research) का मानना है कि कॉरपोरेट टैक्स दरें (Corporate Tax Rate) घटाने से बैंकिंग (Banking) और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को तो फायदा होगा, लेकिन आईटी (IT) और दवा (Pharma) कंपनियों को इससे कोई ठोस फायदा नहीं होगा क्योंकि इनके लिये कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) की प्रभावी दरें पहले से ही कम हैं.

    ग्रोथ सुधारने के लिए बड़ा कदम
    उसने एक रिपोर्ट में कहा, सरकार ने शुक्रवार को कॉरपोरेट टैक्स की दर करीब 35 फीसदी से घटाकर 25.17 फीसदी करने की घोषणा की है. इससे लगता है कि सरकार डायरेक्ट टैक्स कोड (DTC) के अपने महत्वपूर्ण एजेंडे पर काम कर रही है. यह बढ़ोतरी को सुधारने के लिये तथा हाल में सुस्त चल रही धारणा को बल देने के लिये बड़ा कदम है.

    होंगे ये फायदे
    रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका तत्काल फायदा घरेलू कॉरपोरेट जगत में नकदी प्रवाह (Cash Flows) बढ़ने के रूप में सामने आयेगा. इस बढ़ी हुई नकदी का इस्तेमाल वह या तो कर्ज कम करने या क्षमता बढ़ाने को होने वाले निवेश में किया जा सकता है. इसके साथ ही 2023 तक चालू होने वाली नयी विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 15 फीसदी करने से वैश्विक पूंजी आकर्षित होगी और निवेश के चक्र को गति मिलेगी.

    आईटी-दवा कंपनियों को फायदा नहीं
    रिपोर्ट के अनुसार, इसके कारण बैंकिंग और एफएमसीजी क्षेत्र में क्रमश: 48.20 फीसदी और 18 फीसदी की सालाना सकल वृद्धि दर (CAGR) देखी जा सकती है जो इससे पहले क्रमश: 42.20 फीसदी और 12.20 फीसदी थी. इनके इतर आईटी और दवा कंपनियों के लिये कोई तेजी नहीं होगी क्योंकि उनकी मौजूदा टैक्स की दर पहले से ही कम है.

    आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च ने क्षेत्रवार विश्लेषण करते हुए कहा कि वाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को कर छूट से फायदा होगा. उसने कहा, वाणिज्यिक वाहनों के विनिर्माताओं को निजी खर्च चक्र शुरू होने से लाभ होगा. पूंजीगत वस्तुओं की श्रेणी की कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर 25 से 34 फीसदी है. अत: इन्हें भी लाभ होगा.इनके अलावा बिजली कंपनियों, सीमेंट कंपनियों, निर्माण क्षेत्र की कुछ कंपनियों, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद श्रेणी की कंपनियों के साथ ही होटल (Hotel), लॉजिस्टिक्स (Logistics) और शराब (Liquor) क्षेत्र को भी फायदा होगा.

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