बैंक हमेशा करते है अलर्ट, इसके जरिए खाते से उड़ जाते हैं पैसे, जानें क्या है सिम स्वैपिंग?

समय के साथ ठगों ने बैंक अकाउंट में सेंध लगाने का तरीका भी बदल दिया है.
समय के साथ ठगों ने बैंक अकाउंट में सेंध लगाने का तरीका भी बदल दिया है.

हैकर (Hacker) सिम स्वैपिंग कराने से पहले मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर (Mobile service provider) को विश्वास दिलाते है कि वह ही असली ग्राहक (Real customer) है और इस तरीके से वह आपके मोबाइल नंबर की डुप्लीकेट सिम (Duplicate sim) जारी करा लेते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 8:10 AM IST
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नई दिल्ली. डिजिटल युग में ज्यादातर बैंकिग सेवाएं ऑनलाइन हो गई है. इसमें अपने खाते से किसी दूसरे के खाते में पैसे ट्रांसफर करना भी शामिल है. अक्सर लोग बैंक में जाकर लाइन में लगने से बचने के लिए NEFT, Net Banking, RTGS या UPI के जरिए एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करते है. ये सुविधाएं समय और सहूलियत के हिसाब से बेहर है. लेकिन आप भी इन सेवाओं का उपयोग करते है तो अब आपको सतर्क हो जाना चाहिए. क्योंकि पता नहीं किसी हैकर की नजर आपके अकाउंट पर हो और वो आपके खाते में सिम स्वैपिंग के जरिए सेंध न लगा दें.

जानें क्या है सिम स्वैपिंग? - समय के साथ ठगों ने बैंक अकाउंट में सेंध लगाने का तरीका भी बदल दिया है. पहले ठंग आपको फोन करके डेबिट कार्ड नंबर और ओटीपी पूछते थे. लेकिन सिम स्वैपिंग से ठगों को अब आपसे कुछ भी पूछने की जरूरत नहीं हैं. बता दें यदि किसी हैकर ने आपकी सिम की स्वैपिंग कर ली (डुप्लीकेट सिम) जारी करा ली तो उसको आपसे कुछ भी पूछने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सभी पासवर्ड और ओटीपी के साथ कॉल भी हैकर के पास अपने आप पहुंचना शुरू हो जाएंगे. जिसकी मदद से हैकर आपके अकाउंट में कभी भी सेंध लगा सकते हैं.

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कैसे होती है सिम स्वैपिंग? - हैकर सिम स्वैपिंग कराने से पहले मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को विश्वास दिलाते है कि वह ही असली ग्राहक है और इस तरीके से वह आपके मोबाइल नंबर की इंदडुप्लीकेट सिम जारी करा लेते हैं. कई बार इसमें मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के कर्मचारी भी शामिल होते है. जिन्हें हैकर मोटी घूस देते है.
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कैसे बच सकते है सिम स्वैपिंग से- बैंक ग्राहकों को सिम स्वैपिंग और अन्य ठगी से बचने के लिए समय-समय पर सतर्क करते हैं. यदि आपको सिम स्वैपिंग से बचना है तो आपको हमेशा अलर्ट रहना होगा. यदि आपका फोन अचानक बंद आय या आउट ऑफ रीच आये जबकि आपका फोन चालू है. तो ऐसी स्थिति में आपको तुरंत मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना चाहिए और इसकी सूचना बैंक में देने चाहिए.
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