आपके इनकम टैक्स संबंधी ये जानकारी देख सकते हैं बैंक व पोस्ट ऑफिस, बदल गए ये नियम

आपके इनकम टैक्स संबंधी ये जानकारी देख सकते हैं बैंक व पोस्ट ऑफिस, बदल गए ये नियम
इनकम टैक्‍स

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बताया है कि बैंक व पोस्‍ट ऑफिस ​कैश विड्रॉल करने वाले कस्टमर्स के पैन की मदद से TDS काट सकेंगे. इसके लिए बैंकों को टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जानकारी दी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 7:39 AM IST
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नई दिल्ली. बैंक अब पर्मानेन्ट अकाउंट नंबर (PAN) की मदद से ग्राहकों के इनकम टैक्स रिटर्न्स (ITRs) का स्टेटस चेक कर सकते है. इस सुविधा के तहत बैंक या पोस्ट ऑफिस ग्राहकों से इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194N (Income Tax Act, section 194N) के तहत कटने वाले TDS का रेट तय कर सकेंगे. बैंक कैश विड्रॉल (Cash Withdrawal) करने वाले ग्राहकों का PAN एंटर कर इस बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बैंकों और पोस्ट ऑफिस के लिए 1 जुलाई 2020 से वेरिफिकेशन सुविधा मुहैया करा रही है.

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 194N के तहत बैंक या पोस्ट ऑफिस कैश विड्रॉल पर टैक्स कटौती कर सकते हैं. यह कटौती एक वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा के कैश विड्रॉल पर लागू होता है. 1 करोड़ रुपये से जितनी ज्यादा ​रकम निकाली जाएगी, उस रकम पर 2 फीसदी टीडीएस देय होता है.

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क्या है टीडीएस कटौती का नियम?
अगर कैश विड्रॉल करने वाला शख्स बीते 3 साल में एक बार भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो उनके लिए यह लिमिट 20 लाख रुपये तक की होगी. टैक्स फाइल नहीं करने वालों को प्रति वित्तीय वर्ष 20 लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकालने पर 2 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है. अगर कोई व्यक्ति लगातार 3 साल तक टैक्स फाइल नहीं करता है और एक वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की विड्रॉ करता है तो उन्हें 5 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है.

हाल ही में जारी एक नोटिफिकेशन में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 'शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों' (Schedule Commercial Banks)  को भी उन एजेंसी की लिस्ट में शामिल किया था, जिससे टैक्स अथॉरिटीज जानकारी साझा कर सकते हैं.

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इनकम टैक्स​​ डिपार्टमेंट ने कहा, 'डिपार्टमेंट ने “आईटीआर फाइलिंग कम्प्लायंस चेक" फैसिलिटी शुरू किया है. यह शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों के लिए उपलब्ध होगा ताकि वो बल्क मोड में पैन के आधार पर आईटीआर रिटर्न फाइलिंग चेक कर सकेंगे. इनकम टैक्स (सिस्टम्स) के प्रिंसि​पल डायरेक्टर ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों को दी जाने वाली जानकारी की प्रक्रिया और फॉर्मेट के बारे में बताया गया है.'
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