लाइव टीवी

बैंकों के इस गलती की वजह से 3 साल में डूबे 1.76 लाख करोड़ रुपए, जानिए क्या है मामला

hindi.moneycontrol.com
Updated: October 10, 2019, 4:11 PM IST

बीते 3 साल के देश के बैंकिंग सिस्टम (Banking System) से करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये साफ हो गया है. इस दौरान कुल 416 डिफॉल्ट्स (Bank Defaults) हुए. औसतन हर एक कर्जदार पर 424 करोड़ रुपये का लोन पर डिफॉल्ट किया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. पिछले तीन साल में भारतीय बैंकिंग सिस्टम (Banking Systems) से 1.76 लाख करोड़ रुपए साफ हो गए. इन तीन साल में करीब 416 डिफॉल्टर्स (Bank defaults) हुए, जिनके लोन की वैल्यू 100 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा थी. इनके डिफॉल्ट करने की वजह से बैंकिंग सिस्टम से 1.76 लाख करोड़ रुपए साफ हो गए हैं. औसतन देखें तो हर एक कर्जदार ने 424 करोड़ रुपए के लोन पर डिफॉल्ट किया है.

पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डिफॉल्टर्स (Loan Defaulters) और उनके लोन डिफॉल्ट का खुलासा हुआ है. RBI ने सभी शिड्यूल्ड बैंकों को निर्देश दिया है कि अपनी बैलेंस शीट को क्लीयर करें. RBI ने डिफॉल्ट की रकम बैलेंस शीट से हटाकर बैलेंस शीट दुरुस्त करने को कहा है. शिड्यूल्ड बैंक के मायने उन बैंकों से है जिन्हें RBI Act 1934 के दूसरे शिड्यूल के तहत शामिल किया गया था.यह आंकड़े सिर्फ CNN-News 18 के पास है जिन्हे RTI एप्लिकेशन के जरिए हासिल किया गया है.

तेजी से बैड लोन हटा रहे हैं बैंक
RTI के जरिए पता चला है कि 2014-15 के बीच सरकारी और प्राइवेट बैंकों की बैलेंस शीट से बैड लोन रिट ऑफ (हटाने) में काफी तेजी आई थी. 2015 से 2018 के बीच करीब 2017 लाख करोड़ रुपए के बैड लोन शिड्यूल बैंकों ने साफ किए थे.

आंकड़ों से पता चलता है कि 109 यूनीक बॉरोअर्स के करीब 40,798 करोड़ रुपए के लोन बैलेंस शीट से हटाए गए थे. 31 मार्च 2016 को बढ़कर यह 199 यूनीक बॉरोअर्स के 69,976 करोड़ रुपए के बैड लोन को बैलेंस शीट से हटाया गया था.

2016 की नोटबंदी के बाद बॉरोअर्स के बैड लोन रिट ऑफ (साफ) होने में और इजाफा हो गया. तब 343 यूनीक बॉरोअर्स थे. ऐेसे कर्जदारों की संख्या में 70 फीसदी का इजाफा हुआ था. इस दौरान बैलेंसशीट से हटाए गए बैड लोन की वैल्यू 69,926 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,27,797 करोड़ रुपए हो गई.

ये भी पढ़ें:
Loading...

झटका! मूडीज ने भारत का ग्रोथ रेट अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी किया

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 10, 2019, 3:17 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...