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PM Mudra Yojana: बैंकों ने मुद्रा योजना के तहत 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा लोन मंजूर किए

शिशु श्रेणी के तहत लाभार्थियों को 50 हजार रुपये तक का गारंटी मुक्त लोन दिया जाता है.

मुद्रा योजना के तहत 26 मार्च, 2021 की स्थिति के अनुसार बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 28.81 करोड़ लाभार्थियों के 15.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किए.

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    नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने बुधवार को कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने पिछले छह साल में मुद्रा योजना के तहत 28 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को करीब 15 लाख करोड़ रुपये के कर्ज मंजूरी किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 8 अप्रैल, 2015 को पीएमएमवाई यानी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) की शुरूआत की थी.

    वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने ट्विटर पर लिखा है, ''मुद्रा योजना के तहत 26 मार्च, 2021 की स्थिति के अनुसार बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 28.81 करोड़ लाभार्थियों के 15.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किए.''

    तीन श्रेणियों में 10 लाख रुपये तक के गारंटी-मुक्त लोन
    विभाग के अनुसार इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्रों और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में आय-सृजन गतिविधियों के लिए तीन श्रेणियों - शिशु, किशोर और तरुण में 10 लाख रुपये तक के गारंटी-मुक्त लोन प्रदान किए जाते हैं.

    शिशु श्रेणी के तहत लाभार्थियों को 50 हजार रुपये तक लोन
    पिछले साल, सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन से पैदा कठिनाइयों से निपटने में मदद के लिए मई में घोषित आत्मानिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत छोटे कारोबारियों की मदद के लिए पीएमएमवाई की 'शिशु' श्रेणी के तहत कर्जदारों को 2 फीसदी ब्याज सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया. शिशु श्रेणी के तहत लाभार्थियों को 50 हजार रुपये तक का गारंटी मुक्त लोन दिया जाता है.

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    ब्याज सहायता योजना का लाभ 31 मार्च, 2020 तक बकाया उन ऋणों को दिया गया, जो एनपीए श्रेणी में नहीं थे यानी जिनकी किस्तें लगातार आ रही थी. पीएमएमवाई योजना की शिशु श्रेणी में मार्च 2020 के अंत तक 9.37 करोड़ लोन खाते चल रहे थे जिनमें 1.62 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था.

    पिछले साल जिन कर्जदारों को रिजर्व बैंक की योजना के मुताबिक कर्ज किस्त चुकाने में रोक की अनुमति मिली, उनके लिए ब्याज सहायता योजना रोक अवधि पूरी होने के बाद 12 माह के लिये शुरू की गई यानी एक सितंबर 2020 से लेकर 31 अगस्त 2021 तक के लिए. अन्य कर्जदारों के लिए योजना एक जून 2020 से शुरू होकर 31 मई 2021 तक है.
    Published by:vinoy jha
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