होम /न्यूज /व्यवसाय /

Barclays की रिपोर्ट! रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने के कम आसार, जानें वजह

Barclays की रिपोर्ट! रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने के कम आसार, जानें वजह

RBI अभी कुछ महीने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा.

RBI अभी कुछ महीने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा.

इंटरनेशनल बैंक बारक्लेज (Barclays) के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि (Growth Rate) कमजोर होने और महंगाई में बढ़ोतरी (Inflation) के कारण वित्‍त वर्ष 2021-22 में नीतिगत दरों (Policy Rates) बढ़ोतरी होनी मुश्किल है.

    नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को पॉलिसी को लेकर संतुलन बनाने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. इंटरनेशनल बैंक बारक्लेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई को ग्रोथ की स्थिति पर स्‍पष्‍टता का इंतजार है. साथ ही वह बयानों और उम्मीद के जरिये महंगाई पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है. बारक्लेज इंडिया के चीफ इकोनॉमिस्ट राहुल बजोरिया ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मामलों की संख्या घट रही है. फिर भी आर्थिक वृद्धि की वापसी जल्द नहीं होगी.

    आरबीआई के सामने मौजूदा हालात में यही सवाल खड़ा है कि पॉलिसी को लेकर उदार रवैया कब छोड़ना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रोथ के कमजोर पड़ने और महंगाई के बढ़ने के कारण रिजर्व बैंक की ओर से पॉलिसी में बदलाव नहीं करने का रुख बरकरार रह सकता है. वह महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार की ओर से आपूर्ति को लेकर की जा रही कोशिशों पर निर्भर करेगा. बजोरिया का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के सामान्य होने में एक या दो तिमाही की देरी हुई है. इकोनॉमी के कोरोना से पहले की स्थिति में इस साल के अंत तक लौटने का अनुमान है.

    ये भी पढ़ें- Alert: आज है इस काम के लिए आखिरी दिन, निपटा लें ये काम नहीं तो भरना पड़ेगा दोगुना TDS, जानें नए नियम के बारे में सबकुछ

    रिजर्व बैंक को ग्रोथ के ट्रेंड को देखने के लिए इंतजार करना होगा. हालांकि, महंगाई को लेकर मुश्किल बढ़ सकती है. बारक्लेज ने इससे पहले RBI की पॉलिसी के सामान्य हालत में आने के लिए कुछ बिंदुओं की जानकारी दी थी. इनमें शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी में अस्थायी तौर पर कमी करना, नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) पर मोराटोरियम को वापस लेना, कैश रिजर्व रेशो को बढ़ाना, रिवर्स रेपो और रेपो रेट को बढ़ाना शामिल थे. इनमें से कुछ बिंदुओं को लागू किया जा चुका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्‍त वर्ष 2021-22 में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद नहीं है. रेपो रेट में अगले वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि की जा सकती है.

    Tags: Economic growth, India's GDP, Indian economy, Inflation, Rbi policy, Reserve bank of india

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर