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ITC की डीलरशिप के नाम पर भयंकर फ्रॉड! धोखाधड़ी से बचने को पढ़ें पूरी कहानी

ये विज्ञापन फेसबुक पर दिया गया है, जोकि मात्र ठगी के लिए बना है. ITC ने खुद इस विज्ञापन को नकारा है.

ये विज्ञापन फेसबुक पर दिया गया है, जोकि मात्र ठगी के लिए बना है. ITC ने खुद इस विज्ञापन को नकारा है.

अलग-अलग कंपनियों की डीलरशिप एवं फ्रेंचाइजी देने के नाम पर कालाधंधा ज़ोर-शोर से चल रहा है. कोरोना काल में नौकरी गंवाने वाले लोग इन ठगों के टारगेट पर हैं.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. यदि आप कोई नया काम शुरू करने का प्लान बना रहे हैं और चाहते हैं कि किसी कंपनी की फ्रेंचाइजी या डीलरशिप ले लें तो ज़रा सावधान रहना. इस दिनों अलग-अलग कंपनियों की डीलरशिप एवं फ्रेंचाइजी देने और डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर कालाधंधा खूब ज़ोर-शोर से चल रहा है. कोरोना काल में नौकरी गंवाने वाले लोगों को खासतौर पर टारगेट किया जा रहा है. यदि आप किसी फ्रॉड के झांसे में आ गए तो आप अपनी सेविंग्स में रखी थोड़ी-बहुत पूंजी से भी हाथ धो बैठेंगे.

आप फेसबुक (Facebook) पर समय तो जरूर बिताते होंगे. आपने देखा होगा कि कई बार आपके सामने स्पॉन्सर्ड (Sponsored) पोस्ट भी आ जाती हैं. स्पॉन्सर्ड पोस्ट एक तरह का विज्ञापन होती हैं, जिसे दिखाने के लिए फेसबुक को पैसा दिया गया होता है. बता दें कि आपके सामने आने वाली दूसरी पोस्ट स्पॉन्सर्ड होती है. मतलब पहली पोस्ट आपके किसी मित्र की दिखेगी और दूसरी पोस्ट विज्ञापन होगी.

दी जा रही है ITC की डीलरशिप
आपने आईटीसी (ITC) के बारे में भी जरूर सुना होगा. ITC यानी इंडियन टोबैको कंपनी लिमिटेड. ये भारत की एक बहुत बड़ी कंपनी है और इसके कई सारे प्रॉडक्ट्स हम लगभग हर दिन इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि आशीर्वाद (Aashirvaad) का आटा, सनफीस्ट (Sunfeast) बिस्कुट, बिंगो (Bingo), यिप्पी (Yippee) इत्यादी. कंपनी ने भारत के लगभग हर कोने में पहले ही कई लोगों को डीलरशिप दी हुई है. मगर फेसबुक पर ITC का पेज बनाकर उसमें डीलरशिप के लिए पोस्ट डाली गई हैं. और तो और इन पोस्ट्स को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए फेसबुक पर इन्हें स्पॉन्सर भी किया गया है.

ITC के नाम पर नकली फेसबुक पेज, वेबसाइट
ऐसा नहीं है कि किसी एक ने इस तरह का विज्ञापन डाला है. बल्कि कई लोग इस तरह के विज्ञापन डालते हैं. वे कंपनी का असली लोगो (Logo) इस्तेमाल करते हैं और असली कंपनी की वेबसाइट जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट भी बनाते हैं. आईटीसी के नाम से ही कई फेसबुक पेज बने हुए हैं. कम से कम दो नकली वेबसाइट भी हैं. बहुत गौर से देखने पर ही आप असली और नकली वेबसाइट के यूआरएल (URL) के बीच का अंतर समझ पाएंगे. नीचे दी फोटो में देखिए.

ITC website, ITC fake website

ऊपर वाली वेबसाइट कंपनी की असली बेवसाइट है. नीचे वाली दो वेबसाइट नकली हैं.

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सर्च करने वालों को दिखते हैं विज्ञापन
काम की तलाश में लोग जब फ्रेंचाइजी लेने के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले गूगल पर जाकर उसके बारे में सर्च करते हैं. एक बार जब आप गूगल पर कोई चीज खोजते (Search) हैं तो आपके फोन में इंस्टॉल बाकी ऐप्स तक उस सर्च (Search) की जानकारी पहुंच जाती है. फिर क्या… फिर आपको फेसबुक या अन्य ऐप्स पर भी उसी तरह के विज्ञापन दिखने लगते हैं, जो आपने सर्च किया था. दरअसल, टेक्नोलॉजी के जबरदस्त विकास ने इन सब चीजों को बेहद आसान बना दिया है.

नकली वेबसाइट पर पहुंचे तो लुटेंगे
जो विज्ञापन आपको फेसबुक पर दिखा, उसी पर क्लिक करके आप एक वेबसाइट पर पहुंचेंगे. उस वेबसाइट में आप अपनी जानकारी डालेंगे, जैसे कि नाम, पता, फोन नंबर इत्यादी. सब्मिट करने के बाद ये जानकारी फ्रॉड करने वालों तक पहुंच जाती है. इस तरह उनके लिए एक संभावित शिकार तैयार हो जाता है.
इसके बाद कोई व्यक्ति फोन पर आपसे संपर्क करता है और खुद को ITC का कर्मचारी बताता है. आपके कई तरह के सवाल पूछता है, मानो वह वाकई आपको फ्रेंचाइजी देने वाला है. बाद में वह बताता है कि शहर में डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए लगभग 5-7 लाख रुपये कंपनी की सिक्योरिटी फीस होती है और गांव के लिए 2-4 लाख रुपये. लेकिन, फिलहाल कोरोना की वजह से ऑफर के तहत शहर में 3 या 4 लाख में मिल जाएगी और गांव के लिए 2 लाख में.

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एक बार जब व्यक्ति इनसे सहमत होता है तो ये कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर आपसे कुछ पैसे मांगते हैं. ये अमाउंट 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का हो सकता है. एक बार पैसा देने वाला व्यक्ति बुरी तरह इनके चंगुल में फंस जाता है. ये लोग धीरे-धीरे लगभग 4-5 लाख रुपये निकलवा लेते हैं और बाद में वो तमाम फोन नंबर बंद कर दिए जाते हैं, जिनपर आप बात कर रहे थे. लाखों रुपये लुटाने के बाद इंसान को होश आता है कि वह तो लुट गया.

ITC ने खुद क्या कहा
आईटीसी ने इस पर कहा है कि उनकी वेबसाइट www.itcportal.com है. इसके अलावा उनकी कोई वेबसाइट नहीं है. बाकी तमाम तरह की वेबसाइट्स या ईमेल या फोन-नंबर फ्रॉड हैं. आपको इनपर संपर्क नहीं करना चाहिए. कंपनी का कहना है कि इस तरह के कुछ स्कैम (डिस्ट्रीब्यूटर बनाने वाले) पहले भी सामने आए थे और कंपनी ने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज की थी.

थोड़ा दिमाग लगाने वाले रहेंगे सुरक्षित

ITC Fraud, Dealership Fraud

विज्ञापन में उन प्रॉडक्ट्स को भी ITC का बताया गया है, जो किसी और कंपनी के हैं.

इस तरह के जितने भी फ्रॉड हो रहे हैं, उनमें फ्रॉड करने वाले कुछ न कुछ गलती तो जरूर करते हैं. जैसे कि इस फोटो को देखिए. गौर से देखिए. इसमें टाटा नमक (Tata Salt), हॉर्लिक्स (Horlicks) और नवरत्न तेल जैसे कई प्रॉडक्ट्स दिखाए गए हैं. ये सारे प्रॉडक्ट आपको परचून की एक दुकान पर तो मिल सकते हैं, मगर ये सारे प्रॉडक्ट आईटीसी नहीं बनाती. टाटा नमक टाटा ग्रुप (Tata Group) का है, हॉर्लिक्स हिन्दुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) का है तो नवरत्न तेल को ईमामी (Emami) कंपनी बनाती है. सिर्फ यही नहीं, कई और प्रॉडक्ट भी दिखाए गए हैं, जोकि आईटीसी के नहीं है.

कैसे बचें इस तरह के फ्रॉड्स से
यदि आप कोई फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं तो आपको इंटरनेट पर सर्च करने से पहले उसका कोई प्रॉडक्ट खरीदना चाहिए. कंपनी हर प्रॉडक्ट की पैकेजिंग पर अपना फोन नंबर और वेबसाइट जरूर लिखती है. आप केवल उन्हीं नंबरों और वेबसाइट्स पर संपर्क कीजिए.

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