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कुछ लाख रुपये लगाकर बनें करोड़ों की प्रॉपर्टी के मालिक!

News18Hindi
Updated: August 7, 2017, 4:43 PM IST
कुछ लाख रुपये लगाकर बनें करोड़ों की प्रॉपर्टी के मालिक!
सरकार एक स्टेट एजेंसी नियुक्त करके जेपी इंफ्राटेक की दूसरी संपत्तियां बेचने और इस पैसे से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर विचार कर रही है.

कोई व्यक्ति महज 1 लाख रुपये लगाकर करोड़ों की कमर्शियल प्रॉपर्टी में हिस्सेदार बन सकता है.

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  • Last Updated: August 7, 2017, 4:43 PM IST
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ऐसे समय में जब प्रॉपर्टी खरीदना महंगा सौदा हो गया है. पुणे की एक स्टार्टअप कंपनी RealX बड़ी राहत लेकर आई है. इस स्टार्टअप के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आप महज कुछ लाख रुपये लगाकर रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज के मालिक बन सकते हैं. यह स्टार्टअप फ्रैक्शनल ओनरशिप (किसी प्रॉपर्टी के एक हिस्से का मालिक) का विकल्प दे रही है. मतलब यह है कि कोई व्यक्ति महज 1 लाख रुपये लगाकर करोड़ों की कमर्शियल प्रॉपर्टी में हिस्सेदार बन सकता है.

20 इनवेस्टर्स ने मिलकर खरीदी एक दुकान
स्टार्टअप ने 31 जुलाई को अपना पहला ट्रांजैक्शन पूरा किया है, जिसमें करीब 20 इनवेस्टर्स ने महाराष्ट्र के सतारा में 150 वर्ग फुट की एक दुकान के लिए मिलकर करीब 10 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट किया है. ऐसे ट्रांजैक्शन में प्रॉपर्टी बेचने वाला व्यक्ति RealX के प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी से जुड़े डिटेल्स पोस्ट करता है और कई व्यक्ति मिलकर उस प्रॉपर्टी को खरीद सकते हैं. सेल डीड के रजिस्टर्ड होने के बाद इसे RealX के टेक पार्टनर REGKO के पास भेजा जाता है जो कि संबंधित मालिकों को फ्रैक्शनल ओनरशिप सर्टिफिकेट जारी करता है.

एक साल में 100 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का लक्ष्य



RealX से जुड़े लोगों का कहना है कि को-ओनर्स किसी भी समय अपने इनवेस्टमेंट से बाहर निकल सकते हैं. हालांकि, प्रॉपर्टी केवल पांच सालों के बाद ही बेची जाएगी. RealX ने अगले एक साल में 100 करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टीज के फ्रैक्शनल ओनरशिप ट्रांजैक्शन करने का लक्ष्य रखा है.



पैसा लगाने के हिसाब से मिलती है हिस्सेदारी
RealX के फाउंडर मनीष कुमार का कहना है कि उनकी कंपनी सेलर्स और एजेंट्स को अपनी प्रॉपर्टीज पोस्ट करने की सहूलियत देती है और रजिस्टर्ड बायर्स संबंधित प्रॉपर्टी में अपने इनवेस्टमेंट के हिसाब से हिस्सेदारी ले सकते हैं. कोई ट्रांजैक्शन तब पूरा माना जाता है, जबकि फुल सेल के लिए जरूरी इनवेस्टर्स मिल जाते हैं.

कुमार का कहना है, ‘हम किसी दूसरी ई-कॉमर्स कंपनी की तरह हैं, जो कि अपने कस्टमर्स को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की सुविधा देती है. अंतर केवल इतना है कि हम लोगों को संयुक्त रूप से प्रॉपर्टीज में निवेश करने की सहूलियत देते हैं.’

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First published: August 7, 2017, 3:05 PM IST
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