म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाकर क्या 15 साल में 2 करोड़ रुपये पाए जा सकते है? जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब

म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाकर क्या 15 साल में 2 करोड़ रुपये पाए जा सकते है? जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब
म्‍यूचुअल फंड से पैसा बनाना आसान है.

कोरोना वायरस संकट में भी म्यूचुअल फंड्स का अच्छा प्रदर्शन जारी हैं. खास कर इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने लॉकडाउन के दौरान भी 25 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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नई दिल्ली. अक्सर लोग फाइनेंशियल एक्सपर्टस से म्‍यूचुअल फंड (Best Mutual Funds Returns in India) से करोड़पति बनने का सवाल पूछते है. इस पर एक्सपर्ट्स का जवाब हां में होता है. लेकिन शर्तों के साथ. उनका कहना है कि  लंबी अवधि में बड़ी रकम जोड़ने के लिए इक्‍व‍िटी म्‍यूचुअल फंड (Equity Mutual Funds) में थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाकर बड़ी रकम हासिल करने का ये सबसे अच्‍छा तरीका है. इक्विटी म्‍यूचुअल फंडों में लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न (Big Returns) देने की क्षमता होती है. ये महंगाई को मात देकर टैक्‍स के बाद बेहतर रिटर्न देते हैं. हालांकि, इस तरह का रिटर्न पाने के लिए निवेशकों को लगातार निवेश करने की जरूरत पड़ती है. फिर बाजार की स्थितियां भले कैसी भी हों.

मिला 25 फीसदी का रिटर्न-मॉर्निंगस्टार इंडिया की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, सभी इक्विटी स्कीम कैटेगरी, इक्विटी से जुड़ी बचत योजना (ELSS), मिड-कैप, लार्ज और मिडकैप, लार्ज-कैप, स्मॉल-कैप, मिड-कैप और मल्टी-कैप ने 25 मार्च से 3 जून के दौरान 23 से 25 फीसदी का रिटर्न दिया है.

सबसे ज्यादा रिटर्न लार्ज कैप फंड्स ने दिए. इन फंड्स ने 25.1 फीसदी तक का रिटर्न दिया है. मल्टी-कैप ने 25 फीसदी, ईएलएसएस और लार्ज कैप फंड्स ने 24.9-24.9 फीसदी, स्मॉल-कैप ने 24 फीसदी और मिड-कैप ने 23.2 फीसदी का रिटर्न दिया. इस दौरान बाजार में 25 से 30 फीसदी तक सुधार हुआ है.



कैसे मिलेंगे 15 साल में 2 करोड़ रुपये - एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर म्युचूअल फंड्स में सालाना 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो 15 साल में 2 करोड़ रुपये जुटाने के लिए हर महीने करीब 39,650 रुपये निवेश करना होगा. अगर आपके पास इतनी रकम नहीं है तो जितनी भी हो उससे तुरंत निवेश शुरू करना चाहिए. अपने लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए उन्‍हें सैलरी बढ़ने के साथ निवेश की रकम भी बढ़ानी चाहिए.
क्यों म्यूचुअल फंड्स बेहतर है- म्यूचुअल फंड्स के जानकारों का कहना है कि इसमें निवश के जरिये पैसा बनाने का सबसे आसान तरीका सिप है. सिप यानी सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान के जरिये इसमें थोड़ा-थोड़ा निवेश कर एक बड़ा फंड बनाया जा सकता है. जानकारों का मानना है कि बाजार अगर नीचे जा रहा है तो भी सिप से निकलने में हड़बड़ी नहीं करना चाहिए क्योंकि निवेशकों को बढ़ते बाजार में सस्ती हुई यूनिटों का लाभ मिलता है.

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जहां तक इक्विटी म्यूचुअल फंडों का सवाल है तो ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक इसमें ज्यादा निवेश कर सकते हैं. वैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लॉर्ज कैप फंड हमेशा निवेशकों के पसंदीदा रहे हैं. ये उनके विश्वास पर ज्यादातर बार खरे उतरे हैं.

म्यूचुअल से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब

  • किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में गिरावट आने पर क्या मेरा सारा पैसा खत्म हो जाएगा.
    शेयर बाज़ार से जुड़े होने के कारण, म्यूचुअल फंड में जोखिम बना रहता है, इसलिए निवेश की गई मूल राशि का नुकसान हो सकता है. हालांकि, म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि आपके सभी पैसे खोने की संभावना कम है.
  • कितने रुपये से शुरुआत कर सकता हूं.
    आप कम से कम 500 रुपये प्रति महीना की एसआईपी से शुरुआत कर सकते हैं.
  • क्या मैं म्यूचुअल फंड कभी भी बेच सकता हूं?
    अधिकांश म्यूचुअल फंड ओपन एंडेड होते हैं, मतलब आप उन्हें कभी भी बेच सकते हैं. आमतौर पर क्लोज एंड स्कीम की 3-4 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है. एक दूसरे तरीके की स्कीम है जिसमें, म्यूचुअल फन कुछ समय के लिए लॉक-इन हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद ओपन एंडेड हो जाते हैं. उदाहरण के लिए, टैक्स सेविंग या ELSS की लॉक-इन अवधि 3 साल है. इस अवधि के बाद, आप ये फंड किसी भी समय बेच सकते हैं.
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