ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान नकली सामान से सावधान! जानिए ठगी से बचने के लिए खास टिप्स

ऑनलाइन शॉपिंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ऑनलाइन शॉपिंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) में मिल रहे ढेरों डिस्काउंट को देखकर किसी का भी दिल शॉपिंग के लिए ललचा सकता है, लेकिन ठगी से बचने के लिए बतौर कस्टमर आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 11:26 PM IST
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नई दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनियां फेस्टिव सेल (Festive Sale) की शुरुआत करने जा रही हैं. अगर आपने भी शॉपिंग की लिस्ट तैयार कर ली है तो थोड़ा सावधान हो कर खरीदारी कीजिएगा. हम आपको डरा नहीं रहे बल्कि सावधान कर रहे हैं क्योंकि इसी दौरान नकली सामान भी बड़ी संख्या में बेचे जाते हैं.

दरअसल, ऑनलाइन शॉपिंग में मिल रहे ढेरों डिस्काउंट को देखकर किसी का भी दिल शॉपिंग के लिए ललचा सकता है, लेकिन बतौर कस्टमर आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर जब आप इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्रांडेड फुटवियर और एपेरल या फिर खाने-पीने का सामान ऑनलाइन खरीद रहे हो. ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर एसोसिएशन के मुताबिक इन कैटेगेरी में नकली सामान इतनी चालाकी से बेचा जाता है कि कोई भी धोखा खा जाए.


ऑथेंटिक वेबसाइट से ही करें शॉपिंग 
ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नकुल पसरीचा ने बताया कि किसी भी ऑफर्स से भरे मेल के झांसे में न आए. वेब ब्राउर की मदद से पहचानें कि वेबसाइट असली है या नकली. कई बार ऑफर्स से भरी मेल आपको फर्जी वेबसाइट के प्लेटफार्म पर ले जाता है. इससे सतर्क रहें.





पार्सल खोलते वक्त फोन से करें रिकॉर्डिंग 
दूसरी सबसे बड़ी टिप्स ये है कि जब खरीदा हुआ सामान डिलिवरी हो तो पार्सल खोलते वक्त मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करें जिससे नकली सामान आने पर रिटर्न में आसानी हो. क्यूआर कोड और होलोग्राम स्टीकर से भी असली-नकली की पहचान हो सकती है. पसरीचा का कहना है कि नकलचियों से कस्टमर्स को बचाने के लिए अब कई कंपनियां खासकर इलेक्ट्रॉनिक और एफअमसीजी पर खास तरह का क्यूआर कोड और होलोग्राम स्टीकर भी लगाने लगी है जिसके जरिए असली और नकली की पहचान हो सकती है.

ब्रांड की स्पेलिंग और पैकेजिंग करें चेक 
अगर आप मिठाई, स्नैक्स या चॉकलेट हैंपर ऑनलाइन खरीद रहे है तो जिस ब्रांड का प्रोडक्ट आप खरीद रहे हैं उसके स्पेलिंग और पैकेजिंग अच्छे से चेक करें. इसके अलावा आप फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई (FSSAI) की स्मार्ट कंज्यूमर ऐप की भी मदद ले सकते हैं.

एक अनुमान के मुताबिक 2018-19 में ऑनलाइन नकली समान बेचने जैसी की घटनाएं 24 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. जानकर बताते हैं कि इस साल क्योंकि कोरोना की कारण से ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड ज्यादा है, इसलिए फर्जीवाड़ा होने की संभावना भी ज्यादा है. ऑनलाइन मिल रहे सस्ते समान के चक्कर में आप ठगी का शिकार न हो इसलिए ऊपर बताई गई टिप्स को ध्यान रखते हुए शॉपिंग करें.
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